#महुआडांड़ #आंगनबाड़ी_लापरवाही : केंद्र बंद मिलने पर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश और उठाए सवाल।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के लखेपुर गांव में आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं बाधित रहीं। ग्रामीणों ने सेविका और सहायिका पर लापरवाही का आरोप लगाया। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
- लखेपुर गांव में बंद मिला आंगनबाड़ी केंद्र।
- बच्चों को पोषण आहार नहीं मिलने से लौटना पड़ा।
- सेविका और सहायिका पर मनमानी के आरोप।
- गर्भवती महिलाओं को भी नहीं मिली सेवाएं।
- गोमती कुमारी ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के लखेपुर गांव में शनिवार को आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। जिस केंद्र पर बच्चों के पोषण और गर्भवती महिलाओं की देखभाल की जिम्मेदारी होती है, वहां ताला लटका मिला। इस स्थिति ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बच्चों को बिना पोषण लौटना पड़ा
ग्रामीणों के अनुसार, जब बच्चे और महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, तो वहां ताला लगा हुआ मिला। बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार नहीं मिला, जिससे उन्हें भूखे ही वापस लौटना पड़ा।
यह स्थिति उन परिवारों के लिए और भी चिंताजनक है, जो इस केंद्र पर अपने बच्चों के पोषण के लिए निर्भर रहते हैं।
सेविका और सहायिका पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केंद्र की सेविका और सहायिका अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं हैं और अक्सर मनमानी करती हैं। इस बार भी बिना किसी सूचना के केंद्र बंद रखा गया।
जब ग्रामीणों ने उनसे इस बारे में जवाब मांगा, तो दोनों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
गर्भवती महिलाओं की सेवाएं भी प्रभावित
आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है। केंद्र बंद रहने के कारण इन महिलाओं को भी आवश्यक सेवाएं नहीं मिल सकीं।
इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पर्यवेक्षिका गोमती कुमारी ने जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
गोमती कुमारी ने कहा: “मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।”
सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना ने आंगनबाड़ी व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही जारी रही, तो बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही तय करना जरूरी
लखेपुर की यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में अभी भी कई खामियां हैं। आंगनबाड़ी जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों में लापरवाही न केवल कर्तव्यहीनता है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के साथ अन्याय भी है। अब जरूरी है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी निभाएं, भविष्य बचाएं
बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य किसी भी समाज की नींव होता है। यदि हम इस स्तर पर लापरवाही करेंगे, तो इसका असर पूरे भविष्य पर पड़ेगा। हर जिम्मेदार व्यक्ति को अपनी भूमिका ईमानदारी से निभानी चाहिए।
आइए, हम भी ऐसी समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाएं और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान दें।
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