#बानो #स्वच्छता_अभियान : छात्रों ने सड़क किनारे सफाई कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सिमडेगा के बानो प्रखंड स्थित लचरागढ़ में विवेकानंद शिशु-विद्या मंदिर उच्च विद्यालय के छात्रों ने स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान में छात्रों ने सड़क और खेतों से कचरा हटाकर लोगों को जागरूक किया। प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली रही।
- लचरागढ़ विद्यालय में आयोजित हुआ स्वच्छता अभियान।
- छात्रों ने कोलेबिरा–मनोहरपुर मार्ग पर सफाई की।
- प्लास्टिक कचरा हटाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
- राजेन्द्र साहु और प्रमोद पानीग्राही के नेतृत्व में कार्यक्रम।
- स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड के लचरागढ़ में विवेकानंद शिशु-विद्या मंदिर उच्च विद्यालय के छात्रों द्वारा स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक प्रेरणादायी अभियान चलाया गया। इस अभियान में विद्यालय के कक्षा नवम और दशम के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कर एक सकारात्मक संदेश दिया।
सड़क और खेतों में चलाया सफाई अभियान
अभियान के तहत छात्रों ने कोलेबिरा–मनोहरपुर मुख्य मार्ग के दोनों ओर व्यापक सफाई अभियान चलाया। उन्होंने सड़क किनारे फैले कचरे को एकत्रित किया और खेतों में बिखरे प्लास्टिक को हटाया।
इस दौरान एकत्रित किए गए प्लास्टिक कचरे का उचित निपटान भी किया गया, जिससे आसपास का वातावरण स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
इस अभियान के माध्यम से छात्रों ने न केवल सफाई की, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी मजबूत संदेश दिया। उन्होंने यह बताया कि प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के लिए कितना हानिकारक है और इसे कम करना कितना जरूरी है।
विद्यार्थियों ने राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपने आसपास सफाई रखने का संदेश दिया।
प्रधानाचार्य का प्रेरणादायी संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहु ने इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला।
राजेन्द्र साहु ने कहा: “स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक संस्कार है। यदि हम अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, तो हम एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बदलाव लाने की शुरुआत स्वयं से होती है और हर व्यक्ति को इसमें योगदान देना चाहिए।
शिक्षकों और छात्रों की संयुक्त भागीदारी
इस अभियान का संचालन प्रमोद पानीग्राही के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विद्यालय के अन्य आचार्यगण भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर छात्रों का उत्साहवर्धन किया और इस पहल को सफल बनाया।
छात्रों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल और प्रेरणादायक साबित हुआ।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
यह स्वच्छता अभियान केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है। इस तरह के प्रयास लोगों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हैं और उन्हें स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

न्यूज़ देखो: बदलाव की शुरुआत शिक्षा से
लचरागढ़ का यह अभियान दिखाता है कि अगर बच्चों को सही दिशा और संस्कार दिए जाएं, तो वे समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। स्वच्छता जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में विद्यालयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अब जरूरत है कि इस पहल को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छता से ही स्वस्थ भविष्य
स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जो हम सभी को निभानी चाहिए। अगर हम अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, तो हम कई बीमारियों से बच सकते हैं और एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
आइए, हम भी स्वच्छता को अपनी आदत बनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने में योगदान दें।
