#बरवाडीह #बिजली_संकट : लगातार कटौती और लो वोल्टेज से त्रस्त जनता — आंदोलन की चेतावनी दी।
लातेहार जिले के बरवाडीह में खराब बिजली व्यवस्था को लेकर व्यावसायिक संघ ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। लगातार कटौती, लो वोल्टेज और अनियमित आपूर्ति से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी के बीच बढ़ती परेशानियों को देखते हुए संघ ने मांगपत्र सौंपकर सुधार की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि समय सीमा में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन शुरू होगा।
- व्यावसायिक संघ अध्यक्ष दीपक राज के नेतृत्व में अधिकारियों को सौंपा गया मांगपत्र।
- 48 घंटे का अल्टीमेटम, सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
- लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और लोड शेडिंग से परेशान उपभोक्ता।
- छात्रों की पढ़ाई, दुकानदारों का कारोबार और पेयजल व्यवस्था प्रभावित।
- एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी और बिजली विभाग को दी गई चेतावनी।
लातेहार जिले के बरवाडीह क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर अब जनता का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को व्यावसायिक संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा और बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया।
अधिकारियों को सौंपा गया मांगपत्र
व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान संघ ने क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग करते हुए एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा।
संघ ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे विद्युत कार्यालय का घेराव करेंगे और व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
लगातार बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित
मांगपत्र में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से बरवाडीह क्षेत्र में बिजली की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। लगातार बिजली कटौती, लो वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और अनियमित आपूर्ति ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
भीषण गर्मी के इस दौर में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय उमस और अंधेरे से हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
छात्रों और कारोबार पर पड़ा असर
बिजली संकट का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और दुकानदारों के व्यवसाय पर पड़ रहा है। छात्रों को परीक्षा की तैयारी में दिक्कत हो रही है, वहीं दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है, जिससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
उपभोक्ताओं से बिल वसूली, लेकिन सुविधा नहीं
व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
दीपक राज ने कहा: “उपभोक्ताओं से समय पर बिल वसूला जाता है, लेकिन बदले में मूलभूत सुविधा नहीं दी जाती है।”
उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन में हलचल
दीपक राज ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे बरवाडीह की जनता की है। यदि 48 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो दुकानदार, छात्र, ग्रामीण और आम उपभोक्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजर इस पर है कि तय समय सीमा में क्या कार्रवाई होती है।

न्यूज़ देखो: जनता की समस्या पर कब जागेगा सिस्टम?
बरवाडीह का बिजली संकट केवल एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा है। जब उपभोक्ता समय पर बिल चुका रहे हैं, तो उन्हें बेहतर सेवा मिलना उनका अधिकार है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेकर समाधान करता है या फिर आंदोलन की नौबत आती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अब चुप रहना नहीं, हक के लिए आगे आना है
बिजली जैसी मूलभूत सुविधा हर नागरिक का अधिकार है।
यदि समस्याएं लगातार नजरअंदाज हों, तो आवाज उठाना जरूरी हो जाता है।
आइए, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और जिम्मेदारी निभाएं।
सही व्यवस्था के लिए एकजुट होकर पहल करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जनजागरूकता का हिस्सा बनें।

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