#चंदवा #शिक्षक_प्रशिक्षण : आधुनिक शिक्षा प्रणाली और नई शिक्षण तकनीकों पर शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित।
चंदवा स्थित ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के लिए एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नई शिक्षण पद्धतियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। सीबीएसई प्रमाणित रिसोर्स पर्सन अर्पिता मुखर्जी ने शिक्षकों को छात्र-केंद्रित शिक्षण, दक्षता आधारित अधिगम और प्रभावी मूल्यांकन की जानकारी दी। विद्यालय प्रबंधन ने इसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
- ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल (GTPS), चंदवा में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित।
- सीबीएसई प्रमाणित रिसोर्स पर्सन अर्पिता मुखर्जी ने शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण।
- कार्यशाला में एनईपी-2020 और एनसीएफ आधारित शिक्षण पद्धतियों पर चर्चा।
- छात्र-केंद्रित शिक्षण, दक्षता आधारित अधिगम और मूल्यांकन प्रणाली पर विशेष जोर।
- GTPS और त्रिवेणी कर्नल्स एकेडमी (TCA) के शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
- विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।
चंदवा स्थित ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल (GTPS) में गुरुवार को शिक्षकों के शैक्षणिक विकास और व्यावसायिक दक्षता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक दिवसीय क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आधुनिक शिक्षा प्रणाली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ) के अनुरूप नई शिक्षण तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञ प्रशिक्षक ने साझा किए महत्वपूर्ण अनुभव
कार्यशाला का संचालन नोएडा से आईं सीबीएसई प्रमाणित रिसोर्स पर्सन श्रीमती अर्पिता मुखर्जी ने किया। शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में 12 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाली मुखर्जी ने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
उन्होंने छात्र-केंद्रित शिक्षण, दक्षता आधारित अधिगम, कक्षा प्रबंधन, प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली तथा व्यवहारिक शिक्षण पद्धतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
अर्पिता मुखर्जी ने कहा: “नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों का लगातार प्रशिक्षित और अपडेट रहना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
आधुनिक और परिणामोन्मुख शिक्षण पर जोर
प्रतिष्ठित कॉर्डोवा पब्लिकेशन्स के तत्वावधान में आयोजित इस इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, व्यवहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाने के कई आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान समय में केवल पाठ्य ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के कौशल, रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक क्षमता के विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
विद्यालय प्रबंधन ने कार्यशाला को बताया महत्वपूर्ण
विद्यालय की निदेशिका कादंबरी सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है।
कादंबरी सिंह ने कहा: “यदि शिक्षक लगातार सीखते और स्वयं को विकसित करते रहेंगे, तभी विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी।”
वहीं विद्यालय के प्राचार्य हिमांशु सिंह ने कहा कि एनईपी-2020 एवं एनसीएफ की गहरी समझ शिक्षकों को विद्यार्थियों के समग्र विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगी।
शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कार्यक्रम का सफल समन्वयन विद्यालय के उप-प्राचार्य रंजन शर्मा एवं कॉर्डोवा पब्लिकेशन्स के रिसोर्स पर्सन असित द्वारा किया गया।
इस अवसर पर ग्लिटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल (GTPS) एवं त्रिवेणी कर्नल्स एकेडमी (TCA) के सभी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों और चर्चा सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भविष्य में भी जारी रहेंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यशाला के समापन पर शिक्षकों ने इसे अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि प्रशिक्षित और जागरूक शिक्षक ही बेहतर समाज और मजबूत भविष्य की नींव तैयार कर सकते हैं।
न्यूज़ देखो: बेहतर शिक्षक ही गढ़ते हैं बेहतर भविष्य
शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रहे बदलावों के बीच शिक्षकों का प्रशिक्षण बेहद जरूरी हो गया है। नई शिक्षा नीति केवल पाठ्यक्रम बदलने का प्रयास नहीं, बल्कि सीखने और सिखाने की पूरी प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की पहल है। GTPS चंदवा द्वारा आयोजित यह कार्यशाला बताती है कि स्थानीय स्तर पर भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। यदि ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित होते रहें, तो निश्चित रूप से विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक शिक्षा मिल सकेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
#आधुनिकशिक्षासेमजबूतभविष्य : सीखते शिक्षक ही बनाते हैं सफल विद्यार्थी
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि सोच और व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है।
जब शिक्षक नई तकनीकों और आधुनिक पद्धतियों से जुड़ते हैं, तब विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलता है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की असली ताकत है।
हर विद्यालय में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलना जरूरी है।
आप भी शिक्षा और जागरूकता से जुड़े सकारात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाएं।
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