#चंदवा #सड़क_दुर्घटना : दो दिन में दूसरी घटना ने पुल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
चंदवा के बोरसीदाग पुल पर रविवार को एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया, जिसमें छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। दो दिन पहले भी इसी स्थान पर एक अन्य दुर्घटना हो चुकी है, जिससे यह क्षेत्र अब हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। लगातार घटनाओं ने पुल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- चंदवा के बोरसीदाग पुल पर बोलेरो अनियंत्रित होकर नीचे गिरी।
- हादसे में 6 लोग गंभीर रूप से घायल, सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- घायलों में फूलमनिया देवी, सरयू उरांव, रीना कुमारी, पिंकी कुमारी, सोनवा देवी, कार्तिक उरांव शामिल।
- स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य कर लोगों की जान बचाई।
- दो दिन पहले भी इसी पुल पर एक्सयूवी हादसा, सुरक्षा पर सवाल।
- प्रशासन से सुरक्षा उपायों और जांच की मांग तेज।
चंदवा थाना क्षेत्र स्थित रांची–मेदिनीनगर मुख्य मार्ग पर बोरसीदाग पुल एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बना। रविवार को एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर पुल के नीचे जा गिरा, जिससे उसमें सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण अब यह पुल लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सभी घायल जोंजरो (कुड़ू) से एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। जैसे ही वाहन बोरसीदाग पुल के पास पहुंचा, चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। तेज गति और असंतुलन के कारण बोलेरो सीधे पुल के नीचे जा गिरी। हादसा इतना तेज था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों की पहचान और उपचार
इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों की पहचान फूलमनिया देवी, सरयू उरांव, रीना कुमारी, पिंकी कुमारी, सोनवा देवी और कार्तिक उरांव के रूप में हुई है, जो सभी बारियातु थाना क्षेत्र के बरछिया गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवा ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
ग्रामीणों की तत्परता बनी जीवनरक्षक
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में ग्रामीणों की अहम भूमिका रही। कई लोगों ने अपने स्तर पर प्राथमिक सहायता भी दी, जिससे घायलों की जान बच सकी। यह पहल मानवता और सामाजिक एकजुटता का उदाहरण बनकर सामने आई।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही चंदवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। क्षतिग्रस्त बोलेरो वाहन को पुल के नीचे से निकालने के लिए हाइड्रा मशीन की मदद ली गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया: “प्राथमिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
लगातार हादसों से बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि इसी बोरसीदाग पुल पर दो दिन पहले भी एक एक्सयूवी वाहन हादसे का शिकार हुआ था। हालांकि उस घटना में लोग बाल-बाल बच गए थे, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने इस पुल को हादसों का हॉटस्पॉट बना दिया है। स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि पुल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। न तो उचित चेतावनी संकेत लगे हैं और न ही मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था है। सड़क की स्थिति भी कई जगह खराब बताई जा रही है, जो दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।
स्थानीय निवासी ने कहा: “यह पुल अब खतरे का स्थान बन चुका है। प्रशासन को जल्द से जल्द यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।”
प्रशासन से उठी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बोरसीदाग पुल की तकनीकी जांच कराई जाए और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। साथ ही, चेतावनी बोर्ड, स्पीड कंट्रोल उपाय और मजबूत रेलिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

न्यूज़ देखो: बार-बार हादसे चेतावनी नहीं तो और क्या
बोरसीदाग पुल पर लगातार हो रहे हादसे केवल संयोग नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही का संकेत हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह स्थान और भी खतरनाक साबित हो सकता है। सवाल यह है कि क्या हर हादसे के बाद ही जागेगा सिस्टम, या पहले ही सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। जिम्मेदार विभागों को अब सक्रिय होकर स्थायी समाधान देना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अब जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल बने
सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य भी है। वाहन चलाते समय सावधानी, गति नियंत्रण और नियमों का पालन जीवन बचा सकता है। छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।
अगर आपने भी इस रास्ते पर यात्रा की है या कोई समस्या देखी है, तो अपनी आवाज जरूर उठाएं। जागरूक बनें और दूसरों को भी सतर्क करें।
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