#खलारी #अवैध_खनन : विश्रामपुर क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध कोयला कारोबार पर कसा शिकंजा।
रांची जिले के खलारी क्षेत्र में सीआईएसएफ ने अवैध कोयला खनन और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.230 टन कोयला जब्त किया है। यह कार्रवाई केडीएच खदान के पास विश्रामपुर इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। इस अभियान के बाद अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है और निगरानी को और सख्त किया गया है।
- खलारी के विश्रामपुर क्षेत्र में सीआईएसएफ की बड़ी छापेमारी।
- 2.230 टन अवैध कोयला जब्त, सीसीएल प्रबंधन को सौंपा गया।
- कार्रवाई में उप कमांडेंट अजय कुमार पांडे के निर्देशन में टीम सक्रिय।
- निरीक्षक रश्मि, आसूचना शाखा और ‘अ’ समवाय की संयुक्त कार्रवाई।
- खदान क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी बढ़ाई गई, अवैध खनन पर रोक।
- कमांडेंट अमित कुमार ने आगे भी सख्ती जारी रखने की बात कही।
रांची जिले के खलारी स्थित केडीएच खदान क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और भंडारण के खिलाफ सीआईएसएफ ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को विश्रामपुर इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 2.230 टन अवैध कोयला जब्त किया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और तेज कर दी है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
सीआईएसएफ को सूचना मिली थी कि केडीएच खदान के पास स्थित विश्रामपुर क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा बड़ी मात्रा में अवैध कोयला जमा किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई गई।
इस अभियान का नेतृत्व उप कमांडेंट अजय कुमार पांडे के निर्देशन में किया गया। टीम में निरीक्षक रश्मि, आसूचना शाखा के जवान और ‘अ’ समवाय की विशेष टीम शामिल थी। सभी ने मिलकर क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध कोयला बरामद किया।
जब्त कोयला सीसीएल को सौंपा गया
छापेमारी के दौरान बरामद किए गए कुल 2.230 टन कोयले को केडीएच कांटा घर में विधिवत तौल कराया गया। इसके बाद पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए कोयले को सीसीएल प्रबंधन को सुपुर्द कर दिया गया।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अवैध खनन के खिलाफ अब एजेंसियां पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही हैं और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
ड्रोन से निगरानी हुई तेज
सीआईएसएफ ने अवैध खनन और कोयला भंडारण पर रोक लगाने के लिए अब तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। खदान क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
इस नई व्यवस्था से अवैध कारोबारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और उनके लिए गतिविधियां चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
लगातार अभियान से कारोबारियों में हड़कंप
सीआईएसएफ के कमांडेंट अमित कुमार के नेतृत्व में एनके और पिपरवार क्षेत्र में लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। हाल के दिनों में कई बड़ी कार्रवाइयों के कारण अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में भय का माहौल है।
कमांडेंट अमित कुमार ने कहा: “अवैध गतिविधियों के खिलाफ हमारी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। राष्ट्रीय संसाधनों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”
राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा पर जोर
कोयला देश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा है और इसके अवैध दोहन से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में सीआईएसएफ की यह कार्रवाई राष्ट्रीय संसाधनों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित रूप से कार्रवाई जारी रही, तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
न्यूज़ देखो: सख्ती ही रोक सकती है अवैध खनन का खेल
खलारी में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। ड्रोन जैसी तकनीक का इस्तेमाल इस दिशा में एक सकारात्मक पहल है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सख्ती लगातार बनी रहेगी। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में काम करना होगा, ताकि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी निभाएं, संसाधनों की रक्षा में भागीदार बनें
प्राकृतिक संसाधन केवल सरकार की नहीं, हम सभी की धरोहर हैं। इनकी सुरक्षा के लिए हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि कहीं अवैध खनन या भंडारण दिखे, तो इसकी सूचना देना भी एक जिम्मेदार कदम है।
आइए, हम सब मिलकर अपने क्षेत्र को सुरक्षित और संसाधनों को संरक्षित बनाने का संकल्प लें।
👉 अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें।
