
#विश्रामपुर #धार्मिक_सहयोग : मकर संक्रांति पर परशुराम मंदिर के लिए समाजसेवी का बड़ा आर्थिक सहयोग।
पलामू जिले के विश्रामपुर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी और धर्मरक्षक अर्जुन पांडेय ने डाल्टनगंज स्थित भगवान परशुराम मंदिर के लिए 5 लाख 51 हजार रुपये का सहयोग प्रदान किया। यह सहयोग मंदिर निर्माण और आगामी धार्मिक आयोजनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दिया गया है। ब्राह्मण समाज की विशाल रैली और नगर भ्रमण के बीच यह घोषणा हुई, जिसने आयोजन को और भव्य बना दिया। इस पहल को क्षेत्र में आस्था, एकजुटता और सामाजिक उत्तरदायित्व का मजबूत संदेश माना जा रहा है।
- मकर संक्रांति के अवसर पर परशुराम मंदिर को मिला आर्थिक सहयोग।
- अर्जुन पांडेय द्वारा ₹5,51,000 का योगदान।
- डाल्टनगंज स्थित भगवान परशुराम मंदिर के लिए सहायता।
- ब्राह्मण समाज की विशाल रैली के दौरान घोषणा।
- परशुराम सेना भार्गव आयोजन को दे रही है अंतिम रूप।
पलामू जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर धार्मिक आस्था और समाजसेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। झारखंड के प्रसिद्ध संवेदक गंगा कंस्ट्रक्शन के मालिक और पलामू-गढ़वा क्षेत्र के सुप्रसिद्ध धर्मरक्षक व समाजसेवी अर्जुन पांडेय ने एक बार फिर अपने सामाजिक और धार्मिक सरोकारों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने डाल्टनगंज में स्थित भगवान परशुराम मंदिर के लिए 5 लाख 51 हजार रुपये का सहयोग प्रदान कर मंदिर निर्माण और आयोजनों को नई ऊर्जा दी।
यह अवसर उस समय और भी खास हो गया, जब भगवान परशुराम की मूर्ति को सिंगरा से एक मजबूत और अनुशासित रैली के साथ नगर भ्रमण कराया जा रहा था। रैली के दौरान “जय परशुराम” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और हजारों श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए।
झारखंड-बिहार का पहला भगवान परशुराम मंदिर
स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, डाल्टनगंज में निर्मित भगवान परशुराम का यह मंदिर झारखंड और बिहार क्षेत्र का पहला ऐसा मंदिर है, जो पूरी तरह भगवान परशुराम को समर्पित है। इस मंदिर के निर्माण में परशुराम सेना भार्गव के सदस्यों ने वर्षों तक अथक प्रयास किए हैं।
मंदिर निर्माण और आयोजन को सफल बनाने में कमलेश शुक्ला, मुकेश तिवारी, मधुकर शुक्ला, अजय तिवारी, आशुतोष तिवारी और अमित तिवारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन सभी के सामूहिक प्रयास से आज यह मंदिर ब्राह्मण समाज और आस्था प्रेमियों के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मकर संक्रांति पर भव्य रैली और नगर भ्रमण
मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान परशुराम की मूर्ति को सिंगरा से नगर भ्रमण कराया गया। रैली में ब्राह्मण समाज के हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ जय परशुराम के नारे लगाए। नगर भ्रमण के दौरान धार्मिक गीत, पारंपरिक वेशभूषा और अनुशासित कतारों ने आयोजन को भव्य स्वरूप दिया।
इसी दौरान अर्जुन पांडेय द्वारा 5 लाख 51 हजार रुपये के सहयोग की घोषणा की गई, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं और आयोजकों ने खुले दिल से सराहा। यह सहयोग न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे मंदिर से जुड़े आगामी आयोजनों को भी मजबूती मिलेगी।
फरवरी में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारी
परशुराम सेना भार्गव द्वारा जानकारी दी गई कि आगामी फरवरी माह में मंदिर परिसर में कई बड़े धार्मिक आयोजन प्रस्तावित हैं। इनमें हनुमत पूजा, विशेष धार्मिक अनुष्ठान और कथावाचन कार्यक्रम शामिल होंगे। इन आयोजनों में देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
आयोजकों के अनुसार, भारत के चर्चित संत श्री त्रिदंडी स्वामी जी के शिष्य श्री जियर स्वामी जी का आगमन भी प्रस्तावित है। इसके अलावा अन्य प्रसिद्ध और मधुर कथावाचकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और आयोजन को वृहद स्तर पर संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अर्जुन पांडेय का योगदान बना चर्चा का विषय
पलामू-गढ़वा क्षेत्र में अर्जुन पांडेय उर्फ गुरु पांडेय को एक सक्रिय धर्मरक्षक और समाजसेवी के रूप में जाना जाता है। उनका यह आर्थिक सहयोग ब्राह्मण समाज के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अर्जुन पांडेय हमेशा समाज और धर्म के कार्यों में आगे रहते हैं और जरूरत पड़ने पर खुलकर सहयोग करते हैं।
परशुराम सेना युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया के माध्यम से अर्जुन पांडेय के कार्यों की सराहना की और इसे समाज को जोड़ने वाला कदम बताया। उन्होंने भगवान परशुराम के अनुयायियों से एकजुट रहने और जय परशुराम के नारे को बुलंद रखने का आह्वान भी किया।
परशुराम सेना युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा: “गुरु पांडेय का यह सहयोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और आने वाली पीढ़ियों को धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने की सीख देता है।”
हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से बढ़ी भव्यता
इस पूरे आयोजन के दौरान ब्राह्मण समाज के हजारों लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण और आयोजनों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और इसे सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

न्यूज़ देखो: परशुराम मंदिर के बहाने समाज को जोड़ने की पहल
पलामू में भगवान परशुराम मंदिर के लिए किया गया यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और धार्मिक चेतना का प्रतीक है। अर्जुन पांडेय जैसे समाजसेवियों की पहल से स्थानीय स्तर पर बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र विकसित हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि क्या अन्य वर्ग और संस्थाएं भी ऐसे आयोजनों में आगे आएंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ सेवा का संकल्प
धार्मिक आयोजनों के साथ यदि समाजसेवा और एकजुटता का भाव जुड़ जाए, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। पलामू में परशुराम मंदिर के लिए किया गया यह योगदान इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
आप भी ऐसे सकारात्मक प्रयासों को समर्थन दें और समाज में आस्था व सहयोग की भावना को आगे बढ़ाएं।
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