
#पालकोट #गुमला #विधिक_सेवा_शिविर : डालसा के शिविरों से हजारों ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ मिला।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में मेगा विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जिले के सभी 12 प्रखंडों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 17861 लाभुकों के बीच 28 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इस पहल से बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला।
- पालकोट प्रखंड में डालसा गुमला के तत्वावधान में मेगा विधिक सेवा शिविर आयोजित।
- जिले के 12 प्रखंडों में आयोजित शिविरों के माध्यम से 17861 लाभुकों को लाभ मिला।
- विभिन्न योजनाओं के तहत 28 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण।
- कार्यक्रम में डालसा सचिव रामकुमार लाल गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
- ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, योजनाओं और मुआवजा व्यवस्था की जानकारी दी गई।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में रविवार को एक महत्वपूर्ण जनहितकारी कार्यक्रम के तहत मेगा विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) गुमला के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के सचिव रामकुमार लाल गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम में आए ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कानूनी जागरूकता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के महत्व पर प्रकाश डाला।
जागरूकता से ही संभव है समाज का वास्तविक विकास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा गुमला के सचिव रामकुमार लाल गुप्ता ने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सजग हों। उन्होंने कहा कि कानून और सरकारी योजनाओं की जानकारी होना हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है।
डालसा सचिव रामकुमार लाल गुप्ता ने कहा: “जब तक लोगों को अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी नहीं होगी, तब तक वे इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगे। इसलिए जागरूकता ही विकास की सबसे बड़ी कुंजी है।”
उन्होंने बताया कि डालसा गुमला द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक कानूनी जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं के तहत मुआवजा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
नालसा जागृति स्कीम 2025 के तहत चल रहा अभियान
डालसा सचिव ने बताया कि नालसा जागृति स्कीम 2025 के अंतर्गत जिले के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को कानूनी अधिकारों, न्यायिक प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
उन्होंने कहा कि डालसा गुमला हमेशा आम जनता की सहायता के लिए तैयार रहता है और जरूरतमंद लोगों तक न्याय और सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
न्याय अब लोगों के द्वार तक पहुंच रहा
इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था अब धीरे-धीरे आम लोगों के दरवाजे तक पहुंच रही है।
स्थायी लोक अदालत सदस्य शंभू सिंह ने कहा: “न्याय अब आपके द्वार पर है। लोगों को डालसा द्वारा दी जा रही सुविधाओं और सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को न्याय तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित हुए शिविर
यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला ध्रुव चंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
डालसा गुमला द्वारा जिले के सभी 12 प्रखंड कार्यालयों में विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में न्यायिक पदाधिकारी, एलडीसी, पैनल लॉयर और पीएलवी मौजूद रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को कानूनी सहायता और योजनाओं की जानकारी दी।
हजारों लाभुकों को मिला योजनाओं का लाभ
इन शिविरों के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों में कुल 17,861 लाभुकों के बीच विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत कुल 28 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
इस पहल से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला। साथ ही लोगों को यह भी जानकारी दी गई कि वे भविष्य में किस प्रकार कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
पालकोट प्रखंड में आयोजित इस शिविर में कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। इनमें पालकोट प्रखंड के बीडीओ विजय उरांव, पालकोट थाना प्रभारी तरुण कुमार, पीएलवी राजू साहू, बीना कुमारी, विनय कुमार, सोनू कुमारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मी शामिल थे।
इन सभी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ग्रामीणों को योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई।



न्यूज़ देखो: न्याय और योजनाओं को गांव तक पहुंचाने की पहल
पालकोट में आयोजित यह मेगा विधिक सेवा शिविर यह दिखाता है कि यदि प्रशासन और न्यायिक संस्थाएं मिलकर प्रयास करें तो सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सकता है। हजारों लाभुकों तक परिसंपत्तियों का वितरण यह संकेत देता है कि ऐसे शिविर वास्तव में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। अब यह भी जरूरी है कि इन योजनाओं का लाभ सही लोगों तक लगातार पहुंचे और जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक ही बना सकते हैं मजबूत समाज
कानूनी जानकारी और सरकारी योजनाओं का सही लाभ तभी संभव है जब लोग जागरूक हों और अपने अधिकारों को समझें। ऐसे शिविर समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
यदि आपके आसपास भी किसी को कानूनी सहायता या सरकारी योजना की जानकारी की जरूरत है, तो उन्हें ऐसी पहल के बारे में जरूर बताएं। समाज में जागरूकता फैलाना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है।
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