
#सिमडेगा #शोक_सभा : डीआरडीए के सहायक परियोजना पदाधिकारी के निधन पर समाहरणालय में श्रद्धांजलि अर्पित।
सिमडेगा जिले के ग्रामीण विकास विभाग को उस समय गहरा आघात लगा, जब डीआरडीए में पदस्थापित सहायक परियोजना पदाधिकारी विजय लकड़ा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका निधन रांची स्थित कैंसर अस्पताल में हुआ, जिससे जिले के प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कंचन सिंह की अगुवाई में शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनके योगदान को याद करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
- डीआरडीए सिमडेगा में पदस्थापित सहायक परियोजना पदाधिकारी विजय लकड़ा का निधन।
- रांची कैंसर अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय में शोक सभा आयोजित।
- अधिकारियों व कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि।
- अंतिम संस्कार पैतृक गांव बसिया में संपन्न होगा।
सिमडेगा जिले के प्रशासनिक तंत्र को उस समय गहरा झटका लगा, जब ग्रामीण विकास शाखा (डीआरडीए) में कार्यरत सहायक परियोजना पदाधिकारी विजय लकड़ा के असामयिक निधन की सूचना प्राप्त हुई। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और बीती रात रांची स्थित एक कैंसर अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के प्रशासनिक महकमे में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।
विजय लकड़ा न केवल एक जिम्मेदार पदाधिकारी थे, बल्कि अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशील कार्यशैली के लिए भी जाने जाते थे। उनके निधन से न केवल डीआरडीए, बल्कि समूचा जिला प्रशासन मर्माहत है। कई सहकर्मियों ने उन्हें एक ऐसा अधिकारी बताया, जो हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करते थे।
समाहरणालय में आयोजित हुई शोक सभा
स्वर्गीय विजय लकड़ा के निधन पर समाहरणालय सभागार में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा की अगुवाई उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह ने की। शोक सभा के दौरान जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभा में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद स्व. विजय लकड़ा की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पूरे सभागार में गमगीन माहौल था और हर किसी की आंखों में अपने प्रिय सहकर्मी को खोने का दुख साफ झलक रहा था।
कर्तव्यनिष्ठ और मृदभाषी अधिकारी के रूप में पहचान
शोक सभा के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्व. विजय लकड़ा के व्यक्तित्व और कार्यों को याद करते हुए उन्हें एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मृदभाषी अधिकारी बताया। वक्ताओं ने कहा कि वे अपने कार्यों के प्रति अत्यंत समर्पित रहते थे और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्व. लकड़ा का व्यवहार हमेशा सहयोगात्मक रहा और वे जूनियर से लेकर सीनियर अधिकारियों तक सभी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखते थे। उनके मार्गदर्शन और कार्यशैली से कई सहकर्मियों को सीखने का अवसर मिला।
एक अधिकारी ने कहा: “विजय लकड़ा का जाना विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। वे हमेशा काम को बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी समझकर निभाते थे।”
डीआरडीए और ग्रामीण विकास कार्यों में योगदान
डीआरडीए सिमडेगा में सहायक परियोजना पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रहते हुए विजय लकड़ा ने ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। आवास, आजीविका, रोजगार और सामाजिक विकास से संबंधित कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता सराहनीय रही।
उनके सहयोगात्मक रवैये और प्रशासनिक समझ के कारण कई योजनाएं समय पर पूरी हो सकीं। सहकर्मियों के अनुसार, वे फील्ड स्तर की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और समाधान के लिए तत्पर रहते थे। यही वजह थी कि विभाग के कर्मचारी और लाभुक दोनों ही उनका सम्मान करते थे।
आज होगा अंतिम संस्कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्व. विजय लकड़ा का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव बसिया में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए परिवार, रिश्तेदार, सहकर्मी और क्षेत्र के लोग पहुंचेंगे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं प्रशासनिक जगत ने एक समर्पित अधिकारी को खो दिया है।


न्यूज़ देखो: एक जिम्मेदार अधिकारी का जाना, व्यवस्था के लिए क्षति
विजय लकड़ा का निधन यह याद दिलाता है कि प्रशासनिक व्यवस्था केवल पदों से नहीं, बल्कि समर्पित व्यक्तियों से चलती है। उनका योगदान डीआरडीए और सिमडेगा प्रशासन के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा। अब चुनौती यह है कि उनके अधूरे कार्यों और जिम्मेदारियों को उसी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया जाए।
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स्मृतियों में रहेंगे विजय लकड़ा
कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों का जाना व्यवस्था के लिए हमेशा एक खालीपन छोड़ जाता है।
उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेकर ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्व निभाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस खबर को साझा करें, अपनी संवेदनाएं व्यक्त करें और ऐसे कर्मठ व्यक्तित्वों को याद रखें, जो बिना शोर किए समाज और व्यवस्था के लिए कार्य करते रहे।







