#महुआडांड़ #शिक्षक_आंदोलन : सहायक अध्यापक संघ सक्रिय—समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग।
लातेहार के महुआडांड़ में सहायक शिक्षकों ने समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। 18 अप्रैल से रांची में आमरण अनशन का आह्वान किया गया है। राज्यभर के शिक्षकों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। मुद्दा लंबे समय से लंबित बताया गया है।
- 18 अप्रैल से रांची में आमरण अनशन का आह्वान।
- सुभाष कुमार ने शिक्षकों से भागीदारी की अपील।
- करीब 45 हजार सहायक अध्यापक आंदोलन में शामिल होंगे।
- “समान कार्य के बदले समान वेतन” मुख्य मांग।
- सरकार पर अनदेखी का आरोप।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड में सहायक अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। सहायक अध्यापक संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुभाष कुमार ने राज्यभर के शिक्षकों से 18 अप्रैल 2026 से रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास के समक्ष आमरण अनशन में शामिल होने की अपील की है।
यह आंदोलन लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।
22 वर्षों से कम मानदेय पर कार्य
सुभाष कुमार ने कहा कि राज्य के पारा शिक्षक पिछले 22 वर्षों से कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं।
सुभाष कुमार ने कहा: “शिक्षक लगातार शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।”
उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
सुभाष कुमार ने कहा: “सरकार ने अब तक शिक्षकों से संवाद स्थापित करने का प्रयास भी नहीं किया है।”
उन्होंने कहा कि लगातार अनदेखी के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
समान वेतन की मुख्य मांग
आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सहायक अध्यापकों को “समान कार्य के बदले समान वेतन” दिलाना है।
सुभाष कुमार ने कहा: “कम वेतन के कारण शिक्षकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।”
उन्होंने बताया कि इसका असर उनके परिवार और बच्चों के जीवन स्तर पर भी पड़ रहा है।
राज्यभर के शिक्षक होंगे शामिल
संघ के अनुसार, राज्य के करीब 45 हजार सहायक अध्यापक इस आंदोलन में शामिल होंगे।
एक शिक्षक ने कहा: “हम अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।”
आंदोलन को मिलेगा व्यापक रूप
यदि सरकार जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
सुभाष कुमार ने कहा: “जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”
रांची में आमरण अनशन
सभी शिक्षकों से अपील की गई है कि वे रांची पहुंचकर आमरण अनशन में भाग लें।
एक शिक्षक ने कहा: “यह हमारी आवाज को सरकार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।”
शिक्षकों में एकजुटता का आह्वान
सुभाष कुमार ने सभी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
शिक्षा व्यवस्था पर असर की आशंका
इस आंदोलन के चलते राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा और अधिकार का सवाल
महुआडांड़ का यह आंदोलन दिखाता है कि शिक्षक अपने अधिकारों को लेकर अब मुखर हो रहे हैं। लेकिन क्या सरकार समय रहते समाधान निकालेगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हक के लिए आवाज जरूरी
अधिकारों के लिए एकजुट होना जरूरी है।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सबकी जिम्मेदारी है।
संवाद ही समाधान का रास्ता है।
आइए, हम जागरूक बनें और सही के लिए खड़े हों।
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