
#लावालौंग #चतरा #जागरूकता : रैली और गंगा आरती से स्वच्छता का संदेश दिया गया।
चतरा जिले के लावालौंग में निरंजना नदी के उद्गम स्थल पर स्वास्थ्य जागरूकता रैली और गंगा आरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करना था। रैली में विभिन्न समूहों की भागीदारी रही और नदी तट पर सफाई अभियान भी चलाया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने आरती में हिस्सा लिया।
- निरंजना नदी उद्गम स्थल पर स्वास्थ्य जागरूकता रैली का आयोजन।
- लावालौंग प्रखंड मुख्यालय से शुरू होकर बाजार टांड़ होते हुए पहुंची रैली।
- नदी तट पर सफाई अभियान चलाकर दिया स्वच्छता का संदेश।
- श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भव्य गंगा आरती का आयोजन।
- विपिन कुमार भारती और रंजय कुमार के नेतृत्व में सफल आयोजन।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार निरंजना नदी के उद्गम स्थल पर स्वास्थ्य जागरूकता रैली और गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, महिलाओं और छात्राओं ने भाग लिया।
रैली की शुरुआत लावालौंग प्रखंड मुख्यालय से हुई, जो बाजार टांड़ और मुख्य चौक से होते हुए निरंजना नदी के उद्गम स्थल तक पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता, साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया।
रैली के माध्यम से दिया स्वच्छता का संदेश
रैली में शामिल लोगों ने पूरे मार्ग में लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। प्रतिभागियों ने हाथों में संदेश लिखे पोस्टर और नारों के माध्यम से समाज को जागरूक किया।
नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचकर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से सफाई अभियान चलाया और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया।
निरंजना नदी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
निरंजना नदी का विशेष धार्मिक महत्व भी बताया गया। यह नदी तीन प्रमुख धर्मों—सनातन, बौद्ध और जैन—से जुड़ी हुई मानी जाती है।
- गया में इसी नदी के किनारे स्थित फल्गु नदी और विष्णुपद तीर्थ सनातन धर्म के लिए मोक्षदायिनी माने जाते हैं
- बौद्ध धर्म में यह क्षेत्र भगवान बुद्ध के ज्ञान से जुड़ा है
- वहीं राजगीर क्षेत्र के समीप जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान महावीर की तपस्थली भी इसी नदी के किनारे स्थित है
इस प्रकार यह नदी धार्मिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
गंगा आरती में उमड़ा जनसैलाब
रैली और सफाई अभियान के बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ गंगा आरती का आयोजन किया गया। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया।
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को सराहते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन और संगठनों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी विपिन कुमार भारती की सक्रिय भागीदारी रही।
उन्होंने कहा:
“स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है, ऐसे कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करते हैं।”
वहीं जेएसएलपीएस के बीपीएम रंजय कुमार के नेतृत्व में महिलाओं ने रैली को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
छात्राओं और महिलाओं की अहम भूमिका
कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में योगदान दिया।
महिलाओं और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि समाज में बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उत्साह के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी पुनः प्रखंड मुख्यालय लौटे। इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने इसे एक सराहनीय पहल बताया।

न्यूज़ देखो: जागरूकता की पहल या स्थायी समाधान
लावालौंग में आयोजित यह कार्यक्रम एक सकारात्मक संदेश देता है कि स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर लोग जागरूक हो रहे हैं। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या ऐसे अभियान केवल एक दिन तक सीमित रहेंगे या इन्हें नियमित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन और समाज को मिलकर इसे स्थायी आदत बनाना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छता को बनाएं आदत, बदलाव की शुरुआत खुद से करें
स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली होनी चाहिए।
अगर हम अपने आसपास को साफ रखेंगे, तो समाज भी स्वस्थ और सुरक्षित बनेगा।
छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं।
आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी बनाएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को शेयर करें और जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।






