
#पलामू #गढ़वा #बैंकिंगसुविधा : सांसद ने नियम 377 के तहत उठाया जनहित का मुद्दा।
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में नियम 377 के तहत बैंकिंग सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने मेदिनीनगर के रेडमा में बंद भारतीय स्टेट बैंक शाखा को फिर से खोलने और गढ़वा के बरगढ़ व बिशुनपुरा में नई शाखाएं खोलने की मांग की। इस मुद्दे को जनसुविधा और विकास से जुड़ा बताया गया।
- विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाया मुद्दा।
- रेडमा, मेदिनीनगर की बंद SBI शाखा को फिर से खोलने की मांग।
- बरगढ़ और बिशुनपुरा प्रखंड में नई बैंक शाखाओं की जरूरत बताई।
- हजारों खाताधारक, पेंशनभोगी और व्यापारी प्रभावित।
- बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को आकांक्षी जिलों के विकास से जोड़ा गया।
पलामू संसदीय क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाओं की कमी और उससे उत्पन्न समस्याओं को लेकर सांसद विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने नियम 377 के तहत इस विषय को सदन के समक्ष रखते हुए केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पलामू और गढ़वा दोनों जिले आकांक्षी जिलों में शामिल हैं, जहां विकास की गति को तेज करने के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन और क्षेत्र के आर्थिक विकास से जुड़ी हुई है।
रेडमा शाखा बंद होने से बढ़ी परेशानी
सांसद ने विशेष रूप से मेदिनीनगर के रेडमा क्षेत्र में पहले से संचालित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा को बंद किए जाने पर चिंता जताई।
उन्होंने बताया कि रेडमा एक घनी आबादी वाला और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इस शाखा के बंद होने के कारण हजारों खाताधारकों, पेंशनभोगियों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
विष्णु दयाल राम ने कहा: “रेडमा शाखा के बंद होने से आम लोगों को दूर स्थित मुख्य शाखा पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे लंबी कतारें और सेवा में गिरावट देखी जा रही है।”
मुख्य शाखा पर बढ़ा दबाव
रेडमा शाखा बंद होने के बाद सभी खाताधारकों को मेदिनीनगर स्थित मुख्य शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे पहले से ही व्यस्त शाखा पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
- बैंक में अत्यधिक भीड़भाड़ की स्थिति
- ग्राहकों को लंबे समय तक इंतजार
- सेवा की गुणवत्ता में गिरावट
इन समस्याओं के कारण आम जनता में असंतोष भी बढ़ रहा है।
बरगढ़ और बिशुनपुरा में नई शाखाओं की मांग
सांसद ने गढ़वा जिले के बरगढ़ और बिशुनपुरा प्रखंड मुख्यालयों में नई भारतीय स्टेट बैंक शाखाएं खोलने की भी मांग की।
उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी आबादी निवास करती है, जिन्हें बैंकिंग सेवाओं की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने कहा: “नई शाखाएं खुलने से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, सरकारी योजनाओं का लाभ और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण आसानी से मिल सकेगा।”
विकास और बैंकिंग का सीधा संबंध
विष्णु दयाल राम ने अपने संबोधन में कहा कि आकांक्षी जिलों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा
- सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
- ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वित्त मंत्रालय, भारत सरकार से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
केंद्र सरकार से की पहल की अपील
सांसद ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया कि:
- रेडमा में बंद SBI शाखा को पुनः चालू किया जाए
- बरगढ़ और बिशुनपुरा में नई शाखाओं की स्थापना की जाए
उन्होंने इसे जनहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मामला बताते हुए त्वरित निर्णय की आवश्यकता जताई।
आम जनता को मिलेगी राहत
यदि इन मांगों पर अमल होता है, तो क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बैंकिंग सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी।
इससे न केवल आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा।
न्यूज़ देखो: विकास के लिए जरूरी बैंकिंग पहुंच
यह मामला स्पष्ट करता है कि केवल योजनाएं बनाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनकी पहुंच भी सुनिश्चित करनी होगी। सांसद द्वारा उठाया गया यह मुद्दा जनहित से सीधे जुड़ा है, लेकिन अब देखना होगा कि सरकार इस पर कितनी तेजी से निर्णय लेती है। क्या आकांक्षी जिलों को वाकई प्राथमिकता मिलेगी—यह आने वाला समय बताएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपनी सुविधा के लिए आवाज उठाएं, बदलाव का हिस्सा बनें
बैंकिंग सुविधा हर नागरिक का अधिकार है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी जरूरत और अधिक होती है।
अगर आपके क्षेत्र में भी ऐसी समस्याएं हैं, तो उन्हें उठाना जरूरी है।
सजग नागरिक बनें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं।
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