#पालकोट #पृथ्वी_दिवस : बाघिमा पंचायत में जागरूकता कार्यक्रम से ग्रामीणों को मिला संदेश।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड अंतर्गत बाघिमा पंचायत में पृथ्वी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। पैरालीगल वॉलंटियर ने पेड़ लगाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जागरूक रहने का संकल्प लिया।
- बाघिमा पंचायत के नायक बस्ती में पृथ्वी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के तत्वावधान में हुआ आयोजन।
- ध्रुव चंद्र मिश्रा और रामकुमार लाल गुप्ता के मार्गदर्शन में कार्यक्रम सम्पन्न।
- पीएलवी राजू साहू ने पर्यावरण और कानूनी अधिकारों पर दी जानकारी।
- ग्रामीणों को वृक्षारोपण और निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए किया गया जागरूक।
पालकोट प्रखंड के बाघिमा पंचायत स्थित नायक बस्ती में पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सचेत करना और साथ ही उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और इसे सफल बनाया।
विधिक सेवा प्राधिकार की पहल
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के दिशा-निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा एवं सचिव रामकुमार लाल गुप्ता के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक कानूनी जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना था।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) राजू साहू ने ग्रामीणों को पृथ्वी दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
राजू साहू ने कहा: “पृथ्वी को स्वस्थ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधों का रोपण जरूरी है, इससे पर्यावरण संतुलन बना रहता है।”
उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सामूहिक प्रयास से ही संभव बदलाव
ग्रामीणों को यह समझाया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति को इसमें योगदान देना चाहिए।
उन्हें प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
कार्यक्रम में डालसा (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्रामीणों को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोग बिना किसी शुल्क के कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें न्याय पाने में सहूलियत होगी और वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगे।
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।
यह पहल ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
न्यूज़ देखो: जागरूकता से मजबूत होगा समाज
बाघिमा पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम दिखाता है कि जब पर्यावरण और कानूनी जागरूकता एक साथ लाई जाती है, तो समाज में व्यापक बदलाव संभव होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के प्रयास न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाते हैं। अब जरूरत है कि इस पहल को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, जिम्मेदारी निभाएं
धरती को बचाना है तो हमें अभी से कदम उठाने होंगे।
एक पौधा लगाना, पानी बचाना और कानून की जानकारी रखना—ये सब हमारे भविष्य को सुरक्षित बनाते हैं।
आप भी अपने गांव और समाज में जागरूकता फैलाएं और दूसरों को प्रेरित करें।
छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।
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