#केरसई #पृथ्वी_दिवस : विद्यालय में विधिक जागरूकता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
सिमडेगा जिले के केरसई स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय में विश्व पृथ्वी दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्रों ने सामूहिक रूप से पृथ्वी को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
- विश्व पृथ्वी दिवस पर प्लस टू उच्च विद्यालय केरसई में कार्यक्रम आयोजित।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा के तत्वावधान में हुआ आयोजन।
- उपेंद्र कुमार, विष्णु प्रसाद, महिमा बेक ने छात्रों को किया जागरूक।
- छात्रों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता के लिए प्रेरित किया गया।
- पेंटिंग प्रतियोगिता में तीन छात्रों को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक सार्थक पहल देखने को मिली, जहां शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्लस टू उच्च विद्यालय केरसई में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों को न केवल कानूनी जानकारी दी, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए भी प्रेरित किया।
विधिक सेवा प्राधिकार की पहल से जागरूकता
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में लीगल लिटरेसी क्लब की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर अधिकार मित्र (PLV) उपेंद्र कुमार, विष्णु प्रसाद एवं महिमा बेक ने विद्यार्थियों को संबोधित किया और उन्हें पर्यावरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पर्यावरण संरक्षण क्यों है जरूरी
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पृथ्वी और उसके संसाधनों का संरक्षण मानव जीवन के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है।
उपेंद्र कुमार ने कहा: “वायु, जल और भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, अन्यथा भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे।”
उन्होंने बताया कि आज के दौर में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन पर्यावरण के लिए खतरा बन चुका है और यदि इसे समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
छात्रों को दी गई व्यवहारिक सीख
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से पर्यावरण संरक्षण के उपाय भी बताए गए।
छात्रों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही यह भी समझाया गया कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।
पेंटिंग प्रतियोगिता से उभरी रचनात्मकता
कार्यक्रम के दौरान छात्रों के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर चित्र बनाए गए।
इस प्रतियोगिता में तीन छात्रों को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया, जिससे अन्य छात्रों में भी उत्साह और प्रेरणा का संचार हुआ।
शिक्षकों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक जेवियर टेटे, वरिष्ठ शिक्षक समीर चंद्र मँझिऔर सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सभी ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई और अंत में सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
सामूहिक संकल्प से बनेगा सुरक्षित भविष्य
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पृथ्वी को सुरक्षित रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
यह पहल दर्शाती है कि यदि समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं को सही दिशा और जानकारी मिले, तो पर्यावरण संरक्षण एक जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही बचेगी धरती
केरसई में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के साथ जागरूकता जोड़ने से बड़ा बदलाव संभव है। पर्यावरण संरक्षण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। अब जरूरी है कि ऐसे कार्यक्रम लगातार होते रहें और हर छात्र इस जिम्मेदारी को समझे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
धरती बचाना है तो आज ही उठाएं कदम
हमारी पृथ्वी ही हमारा भविष्य है और इसे सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
छोटे-छोटे प्रयास जैसे एक पौधा लगाना या पानी बचाना भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
आज लिया गया संकल्प आने वाले कल को सुरक्षित बना सकता है।
आप भी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ें और दूसरों को प्रेरित करें।
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