#गढ़वा #शिक्षा_जागरूकता : गांव-गांव रैली—नामांकन बढ़ाने और उपस्थिति सुनिश्चित करने की पहल।
गढ़वा के उत्क्रमित उच्च विद्यालय ओबरा में छात्रों और शिक्षकों ने जागरूकता रैली निकाली। इसका उद्देश्य बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना और नए नामांकन सुनिश्चित करना था। रैली में गांवों का भ्रमण कर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया। जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की।
- ओबरा विद्यालय के छात्रों ने जागरूकता रैली निकाली।
- लक्ष्य शत-प्रतिशत उपस्थिति और नामांकन बढ़ाना।
- कई गांवों में अभिभावकों से संवाद किया गया।
- शिक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई।
- जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की।
गढ़वा जिले के उत्क्रमित उच्च विद्यालय ओबरा में सोमवार को शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक व्यापक रैली निकाली गई। इस रैली में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लेकर गांव-गांव जाकर लोगों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना और नामांकन बढ़ाना था।
गांव-गांव पहुंची जागरूकता रैली
रैली के दौरान छात्रों और शिक्षकों ने बजारी टोला, धाम टोला, चरखोरिया टोला और विद्यालय टोला सहित कई क्षेत्रों का भ्रमण किया।
एक शिक्षक ने कहा: “हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना हमारा लक्ष्य है।”
अभिभावकों से किया संवाद
शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से मुलाकात की और उन्हें बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि शिक्षा ही बच्चों के भविष्य को संवारने का सबसे बड़ा माध्यम है।
योजनाओं की दी जानकारी
इस दौरान अभिभावकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें—
- निशुल्क शिक्षा
- मध्यान्ह भोजन
- मुफ्त किताबें
- छात्रवृत्ति
- डिजिटल कक्षाएं
शामिल हैं।
बच्चों ने लगाए प्रेरणादायक नारे
रैली के दौरान बच्चों ने शिक्षा के महत्व को दर्शाते हुए कई नारे लगाए—
“आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे”
“हम बच्चों का नारा है, शिक्षा अधिकार हमारा है”
“अनपढ़ होना है अभिशाप, अब ना रहेंगे अंगूठा छाप”
इन नारों ने पूरे गांव में जागरूकता का संदेश फैलाया।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
रैली के दौरान ओबरा पंचायत की मुखिया कौशल्या देवी और बीडीसी नूर ए आलम सिद्दीकी ने बच्चों को संबोधित करते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे 6 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का नामांकन अवश्य कराएं।
कौशल्या देवी ने कहा: “हर बच्चे को स्कूल भेजना जरूरी है।”
प्रतिनिधियों का संदेश
राम लगन राम (मुखिया प्रतिनिधि) ने भी बच्चों को नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों की सक्रिय भूमिका
इस अभियान में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ओम श्री कृष्णम के नेतृत्व में सभी शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
उपस्थित शिक्षक एवं कर्मचारी
कार्यक्रम में ओम श्री कृष्णम, राम लगन राम, राजेश शर्मा, निशा कुमारी, सीमा कुमारी, रेखा मिंज, निशा कुमारी, नूतन सरिता डुंगडुंग, सरोजिनी ढोडराय, सलमा बानो शेख, बृजेश साह, योगेश्वर राम, गुलाब रवानी अंसारी, आशिक अंसारी, मोहम्मद नौशाद वारी सिद्दीकी, रामनरेश सिंह, सुरेश राम, अमित रंजन, प्रवीण कुमार, विक्की कुमार सिंह, सद्दाम अंसारी, वाजिद अंसारी, विजय प्रजापति (अध्यक्ष), शहनाज़ प्रवीण (संयोजिका), कौशल्या देवी, नूर ए आलम सिद्दीकी, राम लगन राम सहित कई लोग उपस्थित रहे।
शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
यह रैली शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा से ही बदलेगा भविष्य
गढ़वा का यह अभियान दिखाता है कि यदि स्कूल और समाज मिलकर काम करें, तो हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ा जा सकता है। अब जरूरत है कि यह प्रयास लगातार जारी रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हर बच्चे को स्कूल पहुंचाएं
शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है।
जरूरी है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे।
अभिभावकों और समाज की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को स्कूल भेजें।
आइए, हम सभी मिलकर शिक्षा को बढ़ावा दें।
इस अभियान को आगे बढ़ाएं, अपने आसपास के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को शेयर करें।

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