
#बानो #सिमडेगा #आयुषशिविर : ओस्टियोआर्थराइटिस व मस्कुलोस्केलेटल बीमारियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच।
सिमडेगा के बानो प्रखंड में आयुष विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 95 मरीजों की जांच कर मुफ्त दवाइयां दी गईं। शिविर में आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धति से इलाज किया गया और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई।
- जयपाल सिंह मुंडा खेल मैदान, बानो में आयुष स्वास्थ्य शिविर आयोजित।
- 95 मरीजों की जांच कर नि:शुल्क दवाओं का वितरण।
- घुटना दर्द, कमर दर्द, सायटिका, गठिया जैसी बीमारियों का इलाज।
- आयुर्वेद और होम्योपैथी पद्धति से उपचार।
- लोगों को योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दी गई सलाह।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित जयपाल सिंह मुंडा खेल मैदान में प्रखंड स्तरीय ओस्टियोआर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल आयुष स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मनोरंजन कुमार ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
ग्रामीणों को मिल रहा लाभ
डॉ मनोरंजन कुमार ने बताया कि सरकार आयुष पद्धति के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा: “ऐसे शिविरों से विशेष रूप से बुजुर्गों को काफी लाभ मिल रहा है और उन्हें नजदीक ही इलाज की सुविधा मिल जाती है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय पर शिविर में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।
आयुष पद्धति से किया गया उपचार
शिविर में आयुष चिकित्सक डॉ जावेद आलम और डॉ इरफान आलम द्वारा होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से मरीजों की जांच और उपचार किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
95 मरीजों की हुई जांच
शिविर के दौरान कुल 95 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। सभी मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
मरीजों की घुटना दर्द, कमर दर्द, सायटिका, गठिया, गैस और पेट दर्द सहित विभिन्न बीमारियों की जांच कर उनका उपचार किया गया।
योग और स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
इस अवसर पर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित योगाभ्यास करने की भी जानकारी दी गई। योग प्रशिक्षकों द्वारा मौके पर ही योग का प्रशिक्षण दिया गया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, खासकर बुजुर्गों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कई स्वास्थ्य कर्मी रहे उपस्थित
इस दौरान डॉ मनोरंजन कुमार, डॉ जावेद आलम, डॉ इरफान आलम, मो. फैज, सहिया सुनीता डुंगडुंग, पार्वती नाग, कांति टेटे, बसंती देवी, दयामंती कुमारी, बीरजमनी सुरीन, सेतेंग लुगुन, जानकी देवी सहित कई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
योग प्रशिक्षक सावित्री देवी और मोहित बड़ाइक ने भी लोगों को योग का प्रशिक्षण दिया।

न्यूज़ देखो: गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवा
बानो में आयोजित आयुष स्वास्थ्य शिविर इस बात का प्रमाण है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। ऐसे शिविर न केवल इलाज उपलब्ध कराते हैं, बल्कि लोगों को जागरूक भी करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ रहें, जागरूक बनें
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। समय-समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हम कई बीमारियों से बच सकते हैं।
आइए, हम सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
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