
#सरिया #गिरिडीह #झारखंड_आंदोलन : बाजारटांड़ कोयरीडीह में आयोजित पुण्यतिथि समारोह में संघर्षमय जीवन को किया गया नमन।
सरिया प्रखंड के बाजारटांड़ कोयरीडीह में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी नेता स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर की 18वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बगोदर विधायक नागेंद्र महतो शामिल हुए और उन्होंने स्व. ठाकुर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके संघर्ष, विचार और झारखंड आंदोलन में योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
- बाजारटांड़ कोयरीडीह, सरिया में आयोजित हुई 18वीं पुण्यतिथि।
- बगोदर विधायक नागेंद्र महतो मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल।
- स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर को पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि।
- झारखंड आंदोलन में उनके संघर्ष और योगदान को किया गया स्मरण।
- श्रद्धा और सम्मान के वातावरण में संपन्न हुआ कार्यक्रम।
सरिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाजारटांड़ कोयरीडीह में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता स्वर्गीय अयोध्या प्रसाद ठाकुर की 18वीं पुण्यतिथि समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय बगोदर विधायक नागेंद्र महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्होंने स्व. ठाकुर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और झारखंड आंदोलन से जुड़े लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर के संघर्षमय जीवन को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
झारखंड आंदोलन के सशक्त स्तंभ थे स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर
सभा को संबोधित करते हुए विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के सशक्त स्तंभ रहे। उन्होंने अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर अपना पूरा जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया।
विधायक ने कहा कि स्व. ठाकुर का जीवन सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कभी व्यक्तिगत लाभ के लिए आंदोलन नहीं किया, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे।
विचार और संघर्ष आज भी प्रेरणास्रोत
नागेंद्र महतो ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर के विचार, संघर्ष और योगदान आज भी समाज और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने और आदिवासी-मूलवासी अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और अधिकार की जो लड़ाई स्व. ठाकुर ने लड़ी, वह आने वाली पीढ़ियों को भी सही दिशा दिखाती रहेगी। उनका नाम झारखंड आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
श्रद्धा और सम्मान से ओत-प्रोत रहा समारोह
पुण्यतिथि समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने भी स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर के योगदान को याद किया। सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धा, सम्मान और स्मरण से भरा हुआ था। लोगों ने एक स्वर में कहा कि झारखंड राज्य निर्माण में स्व. ठाकुर का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
समाज के लिए अमूल्य धरोहर
स्थानीय वक्ताओं ने कहा कि स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर जैसे आंदोलनकारी समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनके संघर्ष से ही झारखंड को अलग पहचान और राज्य का दर्जा मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि आज जरूरत है कि नई पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आए।
न्यूज़ देखो: संघर्ष और विचारों की विरासत
स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि उनका योगदान आज भी जीवंत है। ऐसे आयोजनों से झारखंड आंदोलन की विरासत नई पीढ़ी तक पहुंचती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विचारों को जीवित रखने का संकल्प
महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होती है जब हम उनके दिखाए मार्ग पर चलें। स्व. अयोध्या प्रसाद ठाकुर के संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाज में न्याय, समानता और अधिकार की आवाज को मजबूत करें। इस खबर को साझा करें, अपने विचार कमेंट में रखें और झारखंड आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।



