#सिमडेगा #प्राणप्रतिष्ठामहोत्सव : तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत कनारोवां गंझुटोली में नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर का तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 26 मई से शुरू होगा। पूजा समिति कनारोवां गंझुटोली के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में कलश यात्रा, अखंड हरी कीर्तन और महाभंडारा जैसे आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
- कनारोवां गंझुटोली में 26 मई से बजरंगबली मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू होगा।
- पहले दिन भव्य कलश यात्रा एवं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
- 27 मई को श्रद्धालुओं के लिए अखंड हरी कीर्तन का आयोजन होगा।
- 28 मई को पूर्णाहुति एवं विशाल महाभंडारा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
- आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
- पूजा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र स्थित कनारोवां गंझुटोली में नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पूजा समिति कनारोवां गंझुटोली के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा जा रहा है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान बजरंगबली की असीम कृपा से यह धार्मिक आयोजन संभव हो पाया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
26 मई को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
महोत्सव के प्रथम दिन मंगलवार, 26 मई को सुबह 06 बजे से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद विधिवत मंत्रोच्चार एवं वैदिक अनुष्ठानों के बीच प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित होगा।
कलश यात्रा में क्षेत्र की महिला एवं पुरुष श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बनाने के लिए भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का भी आयोजन किया जाएगा।
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
दूसरे दिन होगा अखंड हरी कीर्तन
महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार, 27 मई को सुबह 07 बजे से अखंड हरी कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और संकीर्तन के माध्यम से भगवान का गुणगान करेंगे।
कार्यक्रम में स्थानीय कीर्तन मंडलियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। समिति के अनुसार अखंड कीर्तन का उद्देश्य समाज में भक्ति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना है।
पूर्णाहुति और महाभंडारा के साथ होगा समापन
तीसरे दिन गुरुवार, 28 मई को पूर्णाहुति कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद विशाल महाभंडारा का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
समिति ने बताया कि महाभंडारा में क्षेत्र के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन को सफल बनाने के लिए गांव के लोग सामूहिक रूप से सहयोग कर रहे हैं।
पूजा समिति ने की श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
पूजा समिति कनारोवां गंझुटोली के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां की जा रही हैं और समिति के सदस्य लगातार आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा: “बजरंगबली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की जाती है।”
कार्यक्रम के आयोजन में समिति के सचिव हेमंत सिंह, कोषाध्यक्ष काजल देवी, उपाध्यक्ष रूपेश बड़ाइक, संरक्षक मारवाड़ी प्रधान तथा निगरानी समिति सदस्य अशोक प्रधान, रघुनाथ सिंह, महाराज सिंह, बीरबल सिंह और बसंत सिंह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
गांव में दिख रहा उत्सव का माहौल
मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर गांव में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों को सजाने का कार्य जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का प्रतीक भी है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे का संदेश देते हैं।
न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम
कनारोवां गंझुटोली में आयोजित यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण है। गांव स्तर पर सामूहिक सहयोग से होने वाले ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और धार्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का केंद्र भी होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ समाज सेवा और एकता का संदेश भी जरूरी
धार्मिक आयोजन केवल परंपरा निभाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का अवसर भी होते हैं।
ऐसे कार्यक्रम लोगों में सहयोग, सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।
अपने गांव और समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहें।
आइए, सकारात्मक सोच और सामूहिक भागीदारी से समाज को और मजबूत बनाएं।
अगर आपके क्षेत्र में भी कोई धार्मिक या सामाजिक आयोजन हो रहा है, तो उसकी जानकारी हमारे साथ साझा करें।
इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और आस्था एवं एकता के इस संदेश को फैलाने में भागीदार बनें।

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