बरवाडीह रेलवे कॉलोनी का चिल्ड्रन पार्क विवादों में, घटिया निर्माण से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

बरवाडीह रेलवे कॉलोनी का चिल्ड्रन पार्क विवादों में, घटिया निर्माण से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

author Akram Ansari
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#बरवाडीह #निर्माण_विवाद : रेलवे कॉलोनी में पार्क निर्माण—घटिया सामग्री और लापरवाही पर उठे सवाल।

लातेहार के बरवाडीह रेलवे कॉलोनी में बन रहा चिल्ड्रन पार्क घटिया निर्माण को लेकर विवादों में है। झूले टूटने और दीवारों में दरार से सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने जांच और कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने सुधार का आश्वासन दिया है।

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  • रेलवे कॉलोनी में चिल्ड्रन पार्क निर्माण पर विवाद
  • झूले टूटने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
  • घटिया सामग्री उपयोग का आरोप
  • निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने खामियां मानी
  • जांच और कार्रवाई की मांग तेज

लातेहार जिले के बरवाडीह रेलवे कॉलोनी में बन रहा चिल्ड्रन पार्क इन दिनों गंभीर अनियमितताओं और घटिया निर्माण कार्य को लेकर विवादों में घिर गया है। रेलवे अस्पताल के समीप बन रहे इस पार्क का उद्देश्य बच्चों के खेल और कर्मचारियों के मनोरंजन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता अब लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप

जानकारी के अनुसार, पार्क का निर्माण देव कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि चबूतरे के निर्माण में बगला ईंटों का उपयोग किया गया है, जो टिकाऊ नहीं होतीं।

एक स्थानीय निवासी ने कहा: “इतनी खराब ईंटों से बना चबूतरा ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगा।”

झूले टूटने से बढ़ी चिंता

पार्क में लगाए गए झूलों में निम्न गुणवत्ता के लोहे का उपयोग किया गया है। स्थिति यह है कि उद्घाटन से पहले ही कई झूले टूट चुके हैं और वर्तमान में भी दो झूले टूटे पड़े हैं।

एक अभिभावक ने कहा: “बच्चों के खेलने के लिए बने झूले ही टूट रहे हैं, यह बहुत खतरनाक है।”

दीवारों में दरार और खराब निर्माण

चारदीवारी के पास बिना सोलिंग के मिट्टी पर ही ढलाई कर दी गई है, जिससे दीवारों में दरारें आ गई हैं। पानी का समुचित पटवन नहीं होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खराब हो गई है।

तकनीकी लापरवाही उजागर

पार्क में समतलीकरण और साफ-सफाई का अभाव है, जिससे बच्चे खेलते समय गिरकर चोटिल हो रहे हैं। झूलों में बेयरिंग का उपयोग नहीं किया जाना भी तकनीकी लापरवाही को दर्शाता है।

अधिकारियों ने मानी गड़बड़ी

शुरुआत में आरोपों से इनकार करने वाले रेलवे के आईओडब्ल्यू ने निरीक्षण के बाद खामियों को स्वीकार किया है।

रेलवे आईओडब्ल्यू ने कहा: “निरीक्षण में कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन्हें जल्द सुधारा जाएगा।”

जनप्रतिनिधि ने उठाया मामला

सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए उच्च स्तर पर शिकायत करने की बात कही।

दीपक तिवारी ने कहा: “इस मामले की शिकायत सांसद कालीचरण सिंह, डीआरएम और जीएम से की जाएगी।”

स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एक ग्रामीण ने कहा: “बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।”

सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह मामला बच्चों के लिए बनाए जा रहे सार्वजनिक स्थलों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

न्यूज़ देखो: खेल का मैदान या खतरा

बरवाडीह का यह मामला दिखाता है कि बच्चों के लिए बनाए जा रहे पार्क में भी लापरवाही बरती जा रही है। अब जरूरी है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण जरूरी है।
घटिया निर्माण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जागरूकता और जिम्मेदारी जरूरी है।
आइए, हम बच्चों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएं।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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