#बरवाडीह #बेतलानेशनलपार्क : शिकार गतिविधियों पर रोक के लिए कड़ी चौकसी।
होली पर्व के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बरवाडीह स्थित बेतला नेशनल पार्क प्रबंधन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। संभावित शिकार गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से 24 घंटे पेट्रोलिंग, विशेष गश्ती दल और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था लागू की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त चौकसी बरती जा रही है।
- बेतला नेशनल पार्क में 24 घंटे पेट्रोलिंग शुरू।
- रेंजर उमेश कुमार दुबे के नेतृत्व में कड़ी निगरानी।
- स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान तैनात।
- ड्रोन कैमरों और वॉच टावर से संवेदनशील इलाकों की निगरानी।
- हाल के महीनों में 60 से अधिक शिकारी गिरफ्तार।
होली पर्व के दौरान संभावित शिकार गतिविधियों की आशंका को देखते हुए बरवाडीह स्थित बेतला नेशनल पार्क प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। वन विभाग ने 24 घंटे पेट्रोलिंग की व्यवस्था लागू करते हुए जंगल के अंदर और आसपास विशेष गश्ती दल तैनात किए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विशेष गश्ती दल और सख्त निगरानी
बेतला रेंज के रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि त्योहारों के दौरान शिकार की घटनाओं में वृद्धि की संभावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। वन कर्मियों के छोटे-छोटे दल बनाए गए हैं, जिनमें स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवानों के साथ नियमित वनकर्मी भी शामिल हैं।
रेंजर उमेश कुमार दुबे ने कहा, “किसी भी हालत में शिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।”
उन्होंने बताया कि जंगल के अंदर और बाहरी क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से शाम के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि अधिकांश शिकारी सूर्यास्त के समय सक्रिय होते हैं।
ड्रोन और वॉच टावर से निगरानी
शिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से जंगल के दुर्गम और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। पार्क के प्रवेश द्वारों और महत्वपूर्ण स्थानों पर वॉच टावर से भी नजर रखी जा रही है।
वन विभाग का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से निगरानी और अधिक प्रभावी हुई है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तुरंत की जा सकती है।
जागरूकता अभियान भी जारी
केवल निगरानी ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे शिकार जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
हाल ही में हिरण का शिकार करने की कोशिश कर रहे कई शिकारियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े 60 से अधिक शिकारियों की गिरफ्तारी और बड़ी संख्या में हथियारों की जब्ती से विभाग की सख्ती साफ झलक रही है।
वन्यजीव संरक्षण पर विशेष फोकस
बेतला नेशनल पार्क जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां बाघ, हिरण, हाथी समेत कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना आवश्यक माना जा रहा है।
वन विभाग का स्पष्ट संदेश है कि वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहार की आड़ में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: त्योहार में भी नहीं रुकेगी सुरक्षा की चौकसी
होली जैसे बड़े पर्व पर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। बेतला प्रबंधन की सख्ती यह दर्शाती है कि संरक्षण के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। आधुनिक तकनीक और सघन गश्ती से शिकार गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश सराहनीय है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
वन्यजीव हैं प्रकृति की अमूल्य धरोहर
त्योहार खुशियों के लिए हैं, न कि अवैध गतिविधियों के लिए। आइए हम सब मिलकर वन्यजीव संरक्षण का संकल्प लें और प्रकृति की रक्षा में अपना योगदान दें।
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