बड़ी खबर – तीसीबार कला में बजरंगबली जय घोष का भव्य आयोजन उमड़ी भक्तों की भीड़

बड़ी खबर – तीसीबार कला में बजरंगबली जय घोष का भव्य आयोजन उमड़ी भक्तों की भीड़

author Tirthraj Dubey
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#पलामू #धार्मिकआयोजन : हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और सामूहिक आरती के बीच पूरे गांव में भक्ति और उत्साह का माहौल छाया रहा
  • तीसीबार कला में बजरंगबली जय घोष का भव्य आयोजन।
  • सुबह से उमड़ी सैकड़ों भक्तों की भीड़
  • हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ, सामूहिक आरती संपन्न।
  • महिलाओं–युवाओं–बुजुर्गों ने श्रद्धा के साथ लिया हिस्सा।
  • भक्ति, एकता और सौहार्द का संदेश देते दिखे ग्रामीण।

मंगलवार का दिन तीसीबार पंचायत के कला गांव में भक्ति की गूंज के नाम रहा। पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड अंतर्गत स्थित इस शांत ग्रामीण इलाके में आज बजरंगबली जय घोष का भव्य और आध्यात्मिक आयोजन हुआ, जिसमें सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे गांव का वातावरण हनुमानजी के जयकारों, भजन-कीर्तन और भक्तिमय धुनों से सराबोर हो गया। ग्रामीणों के चेहरों पर अद्भुत उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा देखने को मिली।

सुबह से भक्ति का माहौल, हर ओर जयकारों की गूंज

जैसे ही सुबह की पहली किरण फूटी, गांव की गलियाँ और चौपालें “जय बजरंगबली” के जयघोष से गूंज उठीं। भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ धूप, दीप और पुष्प अर्पित किए। आयोजन स्थल पर महिलाओं की विशेष भागीदारी रही, जो लगातार भजन गा रही थीं। युवा भी पूरी निष्ठा से पूरे कार्यक्रम में जुड़े रहे।

सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पाठ बना मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम का सबसे पवित्र और आकर्षक हिस्सा रहा सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा, जिसे बड़े ही अनुशासन और भक्ति भाव से संपन्न किया गया। इस दौरान पूरा पंडाल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। सामूहिक आरती के समय तो दृश्य बेहद मनमोहक हो गया, जब सैकड़ों दीपों की रोशनी से पूरा गांव जगमगा उठा।

प्रसाद वितरण और भजन-कीर्तन की विशेष व्यवस्था

आयोजन समिति ने भक्तों के लिए उत्तम व्यवस्था की थी। भजन-कीर्तन के बीच बार-बार भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि गांव में एकता और सामूहिक सहयोग की भावना भी बढ़ाते हैं।

स्थानीय ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम गांव की पुरानी परंपराओं को जीवित रखते हैं। हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने इसे और अधिक विशेष बना दिया।

क्या बोले गोपाल प्रसाद

“तीसीबार पंचायत में हर मंगलवार को बजरंगबली का पाठ होता है। वर्षों पुरानी यह परंपरा आज भी गांव को एकजुट रखे हुए है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और एकता का प्रतीक है।”

न्यूज़ देखो : भक्ति और एकता का अनोखा संगम

तीसीबार कला में बजरंगबली जय घोष का यह आयोजन दिखाता है कि गांवों में आज भी सामूहिक भक्ति और परंपराएं समाज को जोड़ने का मजबूत माध्यम हैं। इस आयोजन ने न केवल श्रद्धा को गहरा किया, बल्कि गांव में सामूहिक सहयोग और सौहार्द का नया संदेश भी दिया।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भक्ति ही शक्ति, एकता ही संस्कृति

धर्म के ऐसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं, परिवारों को मजबूत बनाते हैं, और दिलों में सकारात्मक ऊर्जा जगाते हैं।
आप भी ऐसे पवित्र आयोजनों की प्रेरणा अपने आसपास फैलाएँ।
इस खबर को शेयर करें और आस्था के इस सुंदर संदेश को घर–घर पहुँचाएँ।
जय बजरंगबली।

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Written by

पांडु, पलामू

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