मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलामू की बिजली समस्या पर लिया त्वरित संज्ञान, बड़कागांव में जल्द बहाल होगी आपूर्ति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलामू की बिजली समस्या पर लिया त्वरित संज्ञान, बड़कागांव में जल्द बहाल होगी आपूर्ति

author News देखो Team
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#पलामू #बिजली_संकट : मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बड़कागांव में बिजली बहाली की जगी उम्मीद।

पलामू जिले के रजवाडीह पंचायत अंतर्गत बड़कागांव में पिछले 20 से 22 दिनों से ठप बिजली आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने त्वरित संज्ञान लिया है। झामुमो नेता सन्नी शुक्ला द्वारा सोशल मीडिया पर मामला उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने पलामू उपायुक्त को अविलंब बिजली बहाल करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी उपायुक्तों को भी ऐसी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। इससे ग्रामीणों में राहत और उम्मीद का माहौल बना है।

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  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिजली संकट पर लिया त्वरित संज्ञान।
  • सन्नी शुक्ला के ट्वीट के बाद प्रशासन को मिला निर्देश।
  • बड़कागांव में 20-22 दिनों से बिजली आपूर्ति थी पूरी तरह ठप।
  • करीब 150 परिवार भीषण गर्मी में परेशान थे।
  • मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों को भी सतर्क रहने को कहा।
  • ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार।

पलामू जिले के रजवाडीह पंचायत अंतर्गत बड़कागांव में लंबे समय से जारी बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने त्वरित कार्रवाई की है। झामुमो नेता सन्नी शुक्ला द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गांव की समस्या उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पलामू उपायुक्त को तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब गांव में जल्द बिजली बहाल होने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से अंधेरे में जीवन गुजार रहे ग्रामीणों में राहत और खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है।

20 से 22 दिनों से अंधेरे में था गांव

जानकारी के अनुसार, रजवाडीह पंचायत के बड़कागांव में पिछले लगभग 20 से 22 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित थी।

गांव के करीब 150 परिवार लगातार भीषण गर्मी और अंधेरे की समस्या से जूझ रहे थे। बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन समय पर समाधान नहीं हो पाया।

सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत

बिजली संकट की समस्या लगातार बढ़ने के बाद झामुमो नेता सन्नी शुक्ला ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया।

ट्वीट के जरिए गांव की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की परेशानियों को सामने रखा गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं से भी इस प्रकार की शिकायत सुनने को न मिले।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

ग्रामीणों में जगी राहत की उम्मीद

लगातार कई दिनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की त्वरित पहल की सराहना की है।

ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं मिल रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा मामले को गंभीरता से सुनने के बाद अब राहत मिलने की उम्मीद बनी है।

ग्रामीणों ने कहा: “मुख्यमंत्री ने आम जनता की परेशानी को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की, जिससे लोगों में भरोसा बढ़ा है।”

गांव के लोगों ने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल होगी और उन्हें गर्मी और अंधेरे से राहत मिलेगी।

सभी जिलों के उपायुक्तों को भी दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने केवल पलामू प्रशासन को ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को भी निर्देशित किया है कि जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लिया जाए।

उन्होंने कहा कि बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सरकार की इस सक्रियता को ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ग्रामीणों ने जताया आभार

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।

लोगों का कहना है कि सरकार यदि इसी तरह जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करती रही, तो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द बिजली बहाल कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

न्यूज़ देखो: जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई से बढ़ता है जनता का भरोसा

बड़कागांव की यह घटना दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं गंभीर रूप से मौजूद हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से मामला उठने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा त्वरित संज्ञान लेना प्रशासनिक संवेदनशीलता का संकेत है। हालांकि केवल निर्देश देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि स्थायी समाधान और जवाबदेही भी जरूरी है ताकि लोगों को बार-बार ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

गांवों तक पहुंचे सुविधाएं तभी मजबूत होगा विकास

बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समय पर सुनना और समाधान करना बेहद जरूरी है।
सजग नागरिक और संवेदनशील प्रशासन मिलकर ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

अगर आपके क्षेत्र में भी ऐसी कोई समस्या है तो जिम्मेदारी के साथ आवाज उठाएं। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

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