
#गिरिडीह #बगोदर #आपदा_राहत : डूबने से जान गंवाने वाले छह लोगों के आश्रितों को सरकार से आर्थिक सहायता मिली।
बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह के प्रयास से डूबने की घटनाओं में मृत लोगों के परिजनों को झारखंड सरकार की ओर से आपदा राहत राशि प्रदान की गई है। विभिन्न प्रखंडों में हुई इन घटनाओं के बाद सरकार ने प्रत्येक मृतक के आश्रितों के बैंक खातों में चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि भेजी है। इस पहल से पीड़ित परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा मिला है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर त्वरित राहत सुनिश्चित करने में पूर्व विधायक की भूमिका अहम मानी जा रही है।
- झारखंड सरकार ने आपदा राहत के तहत परिजनों को चार-चार लाख रुपये दिए।
- पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह की पहल से मामलों का हुआ निष्पादन।
- बिरनी, सरिया और बगोदर प्रखंड के कुल छह मामलों में सहायता।
- नदी, डोभा और कुएं में डूबने से हुई थी मौत।
- राशि सीधे आश्रितों के बैंक खातों में भेजी गई।
- परिजनों ने राहत मिलने पर जताया आभार और संतोष।
बगोदर विधानसभा क्षेत्र में डूबने की घटनाओं से प्रभावित परिवारों को आखिरकार सरकारी सहायता मिल गई है। विभिन्न प्रखंडों में हुई इन दुखद घटनाओं के बाद लंबे समय से परिजन राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे। पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह के प्रयास से आपदा राहत योजना के तहत सभी मामलों को गंभीरता से लिया गया और आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।
बिरनी प्रखंड के पीड़ित परिवारों को सहायता
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिरनी प्रखंड के ग्राम सारंडा निवासी अनमोल पासवान की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इसी प्रखंड के ग्राम सलयडीह निवासी राहुल कुमार रजक की डोभा में डूबने से जान चली गई थी।
इन दोनों मामलों को आपदा राहत के अंतर्गत शामिल करते हुए सरकार ने दोनों मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। परिजनों का कहना है कि यह राशि उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई है।
सरिया प्रखंड में स्कूली छात्राओं की दुखद मौत
सरिया प्रखंड के ग्राम चिरुवां में दो स्कूली छात्राओं जहिदा प्रवीण और गुलबाशा खातून की कुएं में डूबने से मौत हो गई थी। यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक का कारण बनी थी।
पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने इन मामलों को भी प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद सरकार ने दोनों छात्राओं के परिजनों को आपदा राहत के तहत निर्धारित राशि प्रदान की।
बगोदर प्रखंड के दो मामलों में भी मिली राहत
बगोदर प्रखंड के ग्राम मुंडरो निवासी पवन कुमार की कुएं में डूबने से मृत्यु हो गई थी। वहीं ग्राम खम्भरा निवासी संगीता सिंह की भी कुएं में डूबने से जान चली गई थी।
इन दोनों घटनाओं के बाद परिजन गहरे सदमे में थे। अब सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें कुछ हद तक संभलने का अवसर दिया है।
प्रशासन और सरकार के समक्ष उठाई गई मांग
इन सभी मामलों को लेकर पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष लगातार पहल की। उन्होंने आपदा राहत योजना के तहत पीड़ित परिवारों को शीघ्र सहायता देने की मांग रखी।
प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार ने सभी मृतकों के आश्रितों के बैंक खातों में सीधे चार-चार लाख रुपये की राशि भेज दी।
परिजनों ने जताया आभार
राशि मिलने के बाद मृतकों के परिजनों ने राहत की सांस ली है। परिजनों ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता, लेकिन इस कठिन समय में सरकार से मिली सहायता से उन्हें कुछ हद तक सहारा मिला है।
उन्होंने पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह का भी आभार जताया, जिनके प्रयास से यह सहायता संभव हो सकी।
पूर्व विधायक का बयान
पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा:
“आपदा में जान गंवाने वाले परिवारों को त्वरित सहायता मिलना उनका अधिकार है। मैं आगे भी ऐसे सभी मामलों में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहूंगा और उन्हें उनका हक दिलाने का प्रयास करता रहूंगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और सरकार को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
आपदा राहत की अहमियत
विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा राहत योजनाएं ऐसे समय में बेहद जरूरी होती हैं, जब परिवार अचानक अपने कमाऊ सदस्य या बच्चों को खो देते हैं।
समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता से परिवारों को तत्काल जरूरतों को पूरा करने और आगे की जिंदगी की योजना बनाने में मदद मिलती है।
न्यूज़ देखो: संवेदनशील पहल से मिला पीड़ितों को सहारा
डूबने की घटनाओं में मृतकों के परिजनों को मिली यह राहत दिखाती है कि यदि जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभाएं, तो सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकता है। पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह की पहल से पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिली। अब जरूरत है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदना से सशक्त होती है समाज की नींव
आपदा के समय साथ खड़ा होना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है। राहत राशि किसी जीवन की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन मुश्किल घड़ी में सहारा जरूर बनती है।
आप भी अपने आसपास होने वाली ऐसी घटनाओं के प्रति सजग रहें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आवाज उठाएं।
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