
#झारखंड #निकाय_चुनाव : भाजपा ने मतदान से मतगणना तक सुरक्षा के व्यापक प्रबंध की उठाई मांग।
शहरी निकाय चुनाव को लेकर झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी से मुलाकात कर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की। पार्टी ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
- आदित्य साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयुक्त से की मुलाकात।
- मतदान से लेकर मतगणना तक केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग।
- ज्ञापन की प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी गई।
- संवेदनशील एवं अति संवेदनशील बूथों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग।
- प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल।
झारखंड में प्रस्तावित शहरी निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी से मुलाकात की।
इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव तथा चंद्रप्रकाश सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग
मुलाकात के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि मतदान प्रक्रिया की शुरुआत से लेकर मतगणना की समाप्ति तक व्यापक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने राज्य के सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की मांग की।
भाजपा ने यह भी मांग की कि मतपेटियों की सुरक्षा के लिए स्ट्रांग रूम तथा मतगणना स्थल पर भी केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपे गए ज्ञापन की प्रति भाजपा प्रदेश इकाई द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है, जिसमें समुचित कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
कानून व्यवस्था पर जताई चिंता
निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात के बाद प्रदेश कार्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा:
“राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य सरकार मस्त है।”
सत्ताधारी गठबंधन पर लगाए आरोप
आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन के नेता लूट खसोट में लगे हैं और लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा:
“राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है।”
डीजीपी की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार को संवैधानिक व्यवस्था की परवाह नहीं है।
निष्पक्ष चुनाव को लेकर आशंका
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निकाय चुनाव की निष्पक्षता पर आशंका है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से ही निर्वाचन आयोग से मुलाकात की गई है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की पहचान कर वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए। साथ ही स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
न्यूज़ देखो: सुरक्षा व्यवस्था पर सियासी घमासान
शहरी निकाय चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने जहां केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है, वहीं यह मुद्दा आने वाले दिनों में और राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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