
#विश्रामपुर #सड़क_दुर्घटना : भंडार और झूरा गांव में शोकाकुल परिवारों से मिलकर जताई संवेदना।
पलामू जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में मृत युवकों के परिजनों से भाजपा नेता ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने मुलाकात की। गढ़वा–रेहला मुख्य पथ पर बेलचम्पा के पास हाईवा और स्कॉर्पियो की टक्कर में चार लोगों की मौत हुई थी, जिसमें भंडार गांव के दो युवक भी शामिल थे। इस घटना के बाद चंद्रवंशी ने गांव पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को आर्थिक सहयोग दिया और उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही झूरा गांव में एक अन्य सड़क दुर्घटना में मृत युवक के परिजनों से भी मिलकर संवेदना प्रकट की।
- गढ़वा–रेहला मुख्य पथ पर हुआ था भीषण सड़क हादसा।
- भंडार गांव के दो युवकों की दुर्घटना में मौत।
- भाजपा नेता ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने परिजनों से की मुलाकात।
- शोक संतप्त परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान।
- झूरा गांव में भी दुर्घटना पीड़ित परिवार से मिले।
गढ़वा–रेहला मुख्य पथ पर बेलचम्पा के समीप बीते दिनों हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। हाईवा और स्कॉर्पियो की आमने-सामने की टक्कर में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे में स्कॉर्पियो सवार भंडार गांव निवासी मनोज पासवान के 20 वर्षीय पुत्र बादल पासवान और अशोक पासवान के 18 वर्षीय पुत्र विक्की पासवान की भी जान चली गई थी। दोनों युवक कम उम्र में अपने परिवारों की उम्मीद थे, जिनकी असमय मृत्यु से गांव में शोक का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता ईश्वर सागर चंद्रवंशी भंडार गांव पहुंचे और मृतक युवकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुखद घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही पीड़ित परिवारों को अपनी ओर से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया, ताकि वे इस कठिन समय में कुछ राहत महसूस कर सकें।
भंडार गांव में शोक और आक्रोश का माहौल
भंडार गांव में बादल पासवान और विक्की पासवान की मौत के बाद पूरे गांव में शोक व्याप्त है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों युवक सरल स्वभाव के थे और परिवार की जिम्मेदारियों को समझते थे। सड़क हादसे में उनकी मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
भाजपा नेता ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने परिजनों से बातचीत के दौरान कहा कि इतनी कम उम्र में होनहार युवाओं का इस तरह चले जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की दुर्घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर और अधिक सतर्कता की आवश्यकता है।
ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा: “कम उम्र में युवाओं की असमय मृत्यु परिवार और समाज दोनों के लिए गहरा आघात है। इस दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।”
झूरा गांव में भी जताई संवेदना
इसी क्रम में गुरुवार को झूरा ग्राम निवासी अरुण तिवारी की भी स्कॉर्पियो दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। बताया गया कि वह औरंगाबाद जाने के क्रम में सड़क हादसे का शिकार हो गए। इस घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता ईश्वर सागर चंद्रवंशी झूरा गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि इस दुख की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। चंद्रवंशी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और साहस प्रदान करने की प्रार्थना की।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। गढ़वा–रेहला मुख्य पथ को लेकर पहले भी कई बार दुर्घटनाओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
भाजपा नेता ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने भी इस ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को गंभीर होना होगा। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग युवा होते हैं, जो देश और समाज की भविष्य की नींव हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण
स्थानीय लोगों ने ईश्वर सागर चंद्रवंशी की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेताओं का पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना बहुत मायने रखता है। आर्थिक सहयोग के साथ-साथ भावनात्मक संबल भी शोक संतप्त परिवारों को आगे बढ़ने की ताकत देता है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन भी सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
न्यूज़ देखो: हादसों के बाद संवेदना और जिम्मेदारी की जरूरत
न्यूज़ देखो: सड़क हादसों ने फिर दिखाई सुरक्षा की कमी
पलामू क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं यातायात व्यवस्था और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। भाजपा नेता द्वारा पीड़ित परिवारों से मिलना मानवीय संवेदना का उदाहरण है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी ठोस कार्रवाई जरूरी है। क्या सड़क सुरक्षा को लेकर निगरानी और सख्ती बढ़ेगी, यह देखने वाली बात होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदना से आगे, समाधान की ओर कदम
सड़क हादसों में जान गंवाने वाले परिवारों का दर्द केवल संवेदना से नहीं मिट सकता। समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर सुरक्षित सड़कों की दिशा में ठोस पहल करनी होगी।
यातायात नियमों का पालन, जागरूकता और सख्त निगरानी ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।
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