
#सिमडेगा #योजना_निरीक्षण : ठेठईटांगर में विकास योजनाओं में गड़बड़ी पर प्रखंड प्रमुख ने जताई नाराज़गी।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड में चल रही कई विकास योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। प्रखंड प्रमुख विपिन पंकज मिंज ने योजनाओं का दोबारा निरीक्षण कर कार्यों में सुधार नहीं होने पर नाराज़गी जताई। उन्होंने विभागीय लापरवाही और पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है। साथ ही मामले को लेकर विधायक और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है।
- ठेठईटांगर प्रखंड की कई योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत।
- प्रखंड प्रमुख विपिन पंकज मिंज ने दोबारा किया योजनाओं का निरीक्षण।
- निरीक्षण में कार्य में सुधार नहीं होने पर जताई नाराज़गी।
- योजनाओं में सूचना पट और एस्टीमेट की जानकारी नहीं होने का आरोप।
- गड़बड़ियों के विरोध में धरना देने की चेतावनी।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड में चल रही कई विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। प्रखंड प्रमुख सह प्रमुख संघ के जिला अध्यक्ष विपिन पंकज मिंज ने योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर गंभीर नाराज़गी व्यक्त की है।
बताया गया कि 15 से 18 फरवरी के बीच प्रखंड प्रमुख ने विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया था। उस दौरान कई योजनाओं में कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर गड़बड़ियां सामने आई थीं। निरीक्षण के बाद संबंधित संवेदक और विभाग को कार्यों में सुधार करने का निर्देश दिया गया था।
दोबारा निरीक्षण में भी नहीं हुआ सुधार
मंगलवार को प्रखंड प्रमुख विपिन पंकज मिंज एक बार फिर योजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पाया कि जिन गड़बड़ियों को पहले ठीक करने का निर्देश दिया गया था, उनमें कोई विशेष सुधार नहीं किया गया है।
इसके विपरीत कई जगहों पर कार्य को आगे बढ़ाते हुए पूरा भी कर दिया गया है। इससे प्रखंड प्रमुख ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्देशों का पालन किया जाता तो योजनाओं की गुणवत्ता बेहतर हो सकती थी।
सूचना पट और एस्टीमेट को लेकर उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान प्रखंड प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर न तो योजना से संबंधित सूचना पट लगाया गया है और न ही योजना का एस्टीमेट या अन्य विवरण उपलब्ध कराया गया है।
प्रखंड प्रमुख विपिन पंकज मिंज ने कहा:
“विभाग को लिखित रूप से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन न तो एस्टीमेट दिया गया और न ही कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई गई। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जिले के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है, ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।
विभागीय लापरवाही पर जताई नाराज़गी
प्रखंड प्रमुख ने कहा कि योजनाओं में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर विभाग को पहले ही लिखित सूचना दी गई थी। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों और संवेदकों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों के सुझावों और निरीक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा तो इससे योजनाओं की गुणवत्ता और जनता का भरोसा दोनों प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य जनता को लाभ पहुंचाना है, इसलिए कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
विधायक और उपायुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन
मामले को लेकर प्रखंड प्रमुख ने आगे की कार्रवाई का संकेत भी दिया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक लिखित ज्ञापन तैयार किया जा रहा है।
यह ज्ञापन कोलेबिरा के माननीय विधायक, सिमडेगा के विधायक तथा उपायुक्त सिमडेगा को सौंपा जाएगा, ताकि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।
धरना देने की दी चेतावनी
प्रखंड प्रमुख विपिन पंकज मिंज ने स्पष्ट कहा कि यदि योजनाओं में गड़बड़ी और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का सिलसिला जारी रहा तो इसके खिलाफ आंदोलन भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा:
“इस तरह की उपेक्षा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय आने पर इसके विरोध में धरना भी दिया जाएगा।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएंगे।



न्यूज़ देखो: विकास योजनाओं में पारदर्शिता सबसे जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाएं सीधे जनता के जीवन से जुड़ी होती हैं। यदि इन योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की जाती तो इसका असर आम लोगों पर पड़ता है। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवाल और निरीक्षण प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी होते हैं। ऐसे मामलों में समय पर जांच और सुधार ही बेहतर समाधान साबित हो सकता है।
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जागरूक नागरिक और जवाबदेह व्यवस्था से ही होगा विकास
विकास योजनाएं तभी सफल होती हैं जब उनमें पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित हो। यदि समाज के लोग और जनप्रतिनिधि मिलकर निगरानी करें तो योजनाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
अपने क्षेत्र में चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी रखें और किसी भी गड़बड़ी को जिम्मेदार अधिकारियों तक जरूर पहुंचाएं।
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