
#छतरपुर #स्वास्थ्य_मेला : पहले दिन 500 से अधिक मरीजों का मुफ्त जांच और इलाज हुआ।
पलामू जिले के छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में बुधवार को प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया गया। इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों को एक ही स्थान पर निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। मेले के पहले ही दिन दोपहर तक लगभग 500 मरीजों की जांच और उपचार किया गया, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह देखा गया।
- मेले का शुभारंभ अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर, पलामू में बुधवार को हुआ।।
- उद्घाटन 20 सूत्री अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सिंह और उप प्रमुख संतोष कुमार यादव ने किया।।
- प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश अग्रवाल ने मेले के उद्देश्य बताए।।
- दोपहर 2 बजे तक करीब 500 मरीजों का निःशुल्क उपचार किया गया।।
- विभिन्न विभागों द्वारा जांच, परामर्श और दवा की सुविधा दी जा रही है।।
- ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लाभ लेने की अपील की गई।।
पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड में आयोजित यह स्वास्थ्य मेला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। बुधवार को अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर परिसर में प्रशिक्षण और उपचार से जुड़े इस कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत रूप से की गई। मेला आयोजन से प्रखंड के दूर-दराज गांवों से आए मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर इलाज, परामर्श और जांच की सुविधा मिली।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ उद्घाटन
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन समारोह अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर के परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ 20 सूत्री अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सिंह, उप प्रमुख संतोष कुमार यादव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश अग्रवाल, प्रखंड डेटा प्रबंधक अमित कुमार सिंह एवं प्रखंड लेखा प्रबंधक उमाकांत सहाय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर किया गया।
इस अवसर पर अस्पताल के कई स्वास्थ्य कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया दीदी, नर्सिंग स्टाफ और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और जरूरतमंद लोगों को सीधा लाभ मिलता है।
एक ही स्थान पर मिल रही हैं कई स्वास्थ्य सेवाएं
निःशुल्क जांच और परामर्श
मेले में स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग अनुभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर मरीजों को निःशुल्क रक्त जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर टेस्ट, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आंख जांच, दंत चिकित्सा, पोषण परामर्श, परिवार नियोजन सहित कई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए शहरों तक जाना पड़ता है। लेकिन इस स्वास्थ्य मेले के माध्यम से उन्हें अपने ही प्रखंड मुख्यालय में विशेषज्ञों से सलाह और उपचार प्राप्त हो रहा है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों का समय और पैसा दोनों बच रहा है।
दोपहर तक 500 मरीजों का उपचार
आयोजन के पहले ही दिन अस्पताल परिसर में भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही मरीजों का पंजीकरण शुरू हो गया था। दोपहर 2 बजे तक लगभग 500 मरीजों की जांच कर उनका इलाज किया जा चुका था।
स्थानीय निवासी संतोष कुमार यादव ने कहा कि इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार होना इस आयोजन की सफलता को दर्शाता है। मेले में आए ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें पहली बार इतनी सहजता से स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हुई हैं।
मेले का उद्देश्य और महत्व
ग्रामीण स्वास्थ्य को प्राथमिकता
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश अग्रवाल ने मेले के उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह मेला ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा:
“इस स्वास्थ्य मेले का मुख्य उद्देश्य यह है कि गांवों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को एक ही स्थान पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले। लोग बीमारियों के प्रति जागरूक बनें और समय पर इलाज कराएं।”
उन्होंने यह भी बताया कि मेले के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि वे नियमित रूप से अस्पताल की सेवाओं का लाभ लेते रहें।
जागरूकता बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य मेले में केवल इलाज ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। महिलाओं को मातृ स्वास्थ्य, बच्चों की देखभाल, पोषण, साफ-सफाई और गंभीर बीमारियों के लक्षणों के बारे में जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए लोगों में चिकित्सा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होना जरूरी है। मेले के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि छोटी बीमारियों को नजरअंदाज न करें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।
आयोजन में इन लोगों की रही अहम भूमिका
इस प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेले को सफल बनाने में कई अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से:
- 20 सूत्री अध्यक्ष: गोपाल प्रसाद सिंह
- उप प्रमुख: संतोष कुमार यादव
- प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी: डॉ. राजेश अग्रवाल
- प्रखंड डेटा प्रबंधक: अमित कुमार सिंह
- प्रखंड लेखा प्रबंधक: उमाकांत सहाय
इन सभी ने सामूहिक रूप से आयोजन का नेतृत्व किया और ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया। अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।
शाम तक जारी रहेगा स्वास्थ्य मेला
अधिक मरीजों के पहुंचने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि मेला शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। दोपहर तक जिस प्रकार मरीजों की भीड़ उमड़ी है, उससे उम्मीद जताई जा रही है कि दिन के अंत तक और भी अधिक लोग इस मेले का लाभ उठाएंगे।
आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ मेले में पहुंचें और निःशुल्क जांच तथा उपचार का लाभ अवश्य लें।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
मेले में आए कई मरीजों और महिलाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन से उन्हें बहुत सुविधा मिली है। दवा, जांच और परामर्श एक साथ मिलने से वे काफी खुश हैं।
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि बच्चों की जांच, टीकाकरण और पोषण परामर्श से उन्हें नई जानकारी प्राप्त हुई है।



न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य मेले से उम्मीदें
छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में आयोजित यह स्वास्थ्य मेला बताता है कि प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीण स्वास्थ्य को लेकर गंभीर प्रयास हो रहे हैं। एक ही स्थान पर 500 मरीजों का उपचार होना इस पहल की सफलता को दर्शाता है। लेकिन इस तरह के मेले नियमित रूप से आयोजित हों तभी ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। क्या मेले के बाद भी सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहेगी, यह देखने योग्य होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ छतरपुर के निर्माण में भागीदार बनें
यह स्वास्थ्य मेला तभी पूरी तरह सार्थक होगा जब हर गांव का व्यक्ति इससे प्रेरणा लेकर स्वास्थ्य के प्रति सजग बने। आप भी अपने परिवार की नियमित जांच कराएं और सरकारी अस्पताल की सुविधाओं का लाभ लें। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। अपने आसपास के लोगों को भी इस मेले की जानकारी दें और उन्हें अस्पताल तक पहुंचने के लिए प्रेरित करें।
इस आयोजन को लेकर आप क्या सोचते हैं, अपने सुझाव हमें कमेंट में जरूर बताएं। खबर को शेयर करें और ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को मजबूत बनाएं। आपके सहयोग से ही छतरपुर प्रखंड एक स्वस्थ और सशक्त प्रखंड बन सकेगा।





