
#बोलबा #सेवानिवृत्ति_समारोह : 25 वर्षों की ईमानदार सेवा के बाद चौकीदार को भावभीनी विदाई दी गई।
बोलबा थाना में कार्यरत चौकीदार रामेश्वर पान के सेवानिवृत्त होने पर अंचल कार्यालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी ने उनके 25 वर्षों की सेवा, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। अधिकारियों ने पुष्पमाला, शॉल और मिठाई देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी। यह आयोजन प्रशासनिक सेवा में समर्पित कर्मियों के सम्मान की परंपरा को दर्शाता है।
- बोलबा थाना में कार्यरत चौकीदार रामेश्वर पान हुए सेवानिवृत्त।
- अंचल कार्यालय, बोलबा में विदाई समारोह का आयोजन।
- अंचल अधिकारी सुधांसु पाठक और थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू ने दी विदाई।
- 25 वर्षों की ईमानदार और निष्ठापूर्ण सेवा पूरी की।
- कई प्रशासनिक अधिकारी और कर्मी रहे उपस्थित।
बोलबा प्रखंड में प्रशासनिक सेवा से जुड़ा एक भावनात्मक और सम्मानपूर्ण क्षण उस समय देखने को मिला, जब बोलबा थाना में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले चौकीदार रामेश्वर पान के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, सहकर्मियों और स्थानीय कर्मियों ने उनकी सेवाओं को याद किया और सम्मान प्रकट किया।
25 वर्षों की सेवा का समापन
रामेश्वर पान ने चौकीदार के रूप में लगभग 25 वर्षों तक थाना और अंचल प्रशासन के साथ मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस लंबे कार्यकाल में उन्होंने ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों को निभाया। स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था में चौकीदार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, और रामेश्वर पान ने इस भूमिका को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
अंचल कार्यालय में आयोजित विदाई समारोह
सेवानिवृत्ति के अवसर पर अंचल कार्यालय, बोलबा में विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने चौकीदार रामेश्वर पान को फूलमाला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। समारोह का वातावरण भावनात्मक रहा, जहां सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए वर्षों को याद किया।
अधिकारियों ने की सेवाओं की सराहना
विदाई समारोह के दौरान अंचल अधिकारी सुधांसु पाठक ने रामेश्वर पान की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा प्रशासनिक कार्यों में सहयोगात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि किसी प्रकार की सहायता या आवश्यकता हो, तो अंचल और थाना कार्यालय से संपर्क करने में कोई संकोच न करें।
वहीं थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू ने कहा कि रामेश्वर पान ने अपने कार्यकाल में थाना स्तर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक सूचनाओं के आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे कर्मी विभाग की रीढ़ होते हैं, जिनके अनुभव और निष्ठा से व्यवस्था मजबूत होती है।
स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना
अधिकारियों और सहकर्मियों ने सेवानिवृत्त चौकीदार के स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना की। सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन नई जिम्मेदारियों और अनुभवों से भरा होता है, और सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में मौजूद अधिकारी और कर्मी
इस अवसर पर कई प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल प्रमुख नामों में अंचल अधिकारी सुधांसु पाठक, थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू, प्रधान सहायक मो नावेद अंसारी, सुनीता बारला, अंचल निरीक्षक सीधेश्वर पासवान, बीरेंद्र झोरा, अनमोल लकड़ा, रामेश्वर बड़ाइक सहित अन्य कर्मी शामिल थे। सभी ने सेवानिवृत्त कर्मी को सम्मानित कर विदाई दी।
प्रशासनिक परंपरा और मानवीय पहल
यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रशासनिक सेवा में वर्षों तक योगदान देने वाले कर्मियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी था। ऐसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि प्रशासन अपने कर्मियों के योगदान को महत्व देता है और उनके अनुभवों को सम्मान के साथ विदा करता है।
समाज और व्यवस्था के लिए प्रेरणा
चौकीदार जैसे पद पर कार्य करने वाले कर्मचारी अक्सर पर्दे के पीछे रहकर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखते हैं। रामेश्वर पान की सेवानिवृत्ति पर आयोजित यह समारोह उन सभी कर्मियों के लिए प्रेरणा है, जो निष्ठा और ईमानदारी से अपनी सेवा दे रहे हैं।
न्यूज़ देखो: सेवा के बाद सम्मान की सशक्त परंपरा
यह खबर प्रशासनिक व्यवस्था में मानवीय मूल्यों और सम्मान की परंपरा को उजागर करती है। चौकीदार रामेश्वर पान जैसे कर्मियों का योगदान वर्षों तक व्यवस्था को मजबूत करता है। अंचल और थाना प्रशासन द्वारा आयोजित यह विदाई समारोह सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और कार्यसंस्कृति सकारात्मक बनती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सम्मानित विदाई निष्ठावान सेवा का सच्चा मूल्यांकन
जब वर्षों की सेवा के बाद किसी कर्मचारी को सम्मान के साथ विदा किया जाता है, तो यह पूरे तंत्र के लिए सकारात्मक संदेश होता है। यह दिखाता है कि ईमानदारी और मेहनत को पहचाना जाता है







