#गढ़वा #नगरनिकायचुनाव : ब्राह्मण परिवारों ने झामुमो समर्थित प्रत्याशी को समर्थन दिया।
गढ़वा में पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के आवास पर आयोजित बैठक में झामुमो से जुड़े ब्राह्मण परिवारों ने नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए पार्टी समर्थित प्रत्याशी संतोष केशरी को समर्थन देने का निर्णय लिया। बैठक में जात-पात से ऊपर उठकर मतदान करने का संकल्प लिया गया। दुष्प्रचार से सावधान रहने और एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपील की गई। यह बैठक चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक एकजुटता का संदेश मानी जा रही है।
- मिथिलेश कुमार ठाकुर के आवास पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक।
- झामुमो समर्थित प्रत्याशी संतोष केशरी को भारी मतों से विजयी बनाने का संकल्प।
- जात-पात से ऊपर उठकर मतदान करने का निर्णय।
- अफवाहों और दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील।
- बड़ी संख्या में प्रबुद्ध ब्राह्मण परिवारों की भागीदारी।
गढ़वा नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में शनिवार को पूर्व मंत्री सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर के गढ़वा स्थित आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में झामुमो से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े ब्राह्मण परिवारों के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में पार्टी समर्थित प्रत्याशी संतोष केशरी को नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए भारी बहुमत से विजयी बनाने का संकल्प लिया।
जात-पात से ऊपर उठकर मतदान का संकल्प
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि चुनाव विकास के मुद्दों पर होना चाहिए, न कि जाति या धर्म के आधार पर। सभी ने मिलकर यह निर्णय लिया कि गढ़वा नगर निकाय चुनाव में जात-पात से ऊपर उठकर मतदान किया जाएगा और पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशी को तन-मन से समर्थन दिया जाएगा।
मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा: “गढ़वावासी किसी के बहकावे या चिकनी-चुपड़ी बातों में न आएं। चुनाव पूरे समाज और क्षेत्र के विकास के लिए होता है, न कि किसी एक जाति या धर्म के लिए।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दुष्प्रचार से सावधान रहें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखें।
अफवाहों पर विराम, संगठन में एकजुटता का संदेश
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि झामुमो से जुड़े ब्राह्मण समाज के लोग पार्टी के निर्णय से अलग होकर अन्य प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं। उपस्थित लोगों ने इसे पूर्णतः निराधार बताया और स्पष्ट किया कि वे पार्टी के अधिकृत निर्णय के साथ खड़े हैं।
उपस्थित प्रबुद्धजनों ने कहा: “नगर परिषद की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाले और निष्ठापूर्वक कार्य करने वाले प्रत्याशी को ही समर्थन दिया जाना चाहिए।”
सभी ने यह निर्णय लिया कि वे घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार करेंगे और मतदाताओं को सही जानकारी देंगे।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पार्टी अनुशासन पर जोर
बैठक में यह भी कहा गया कि संतोष केशरी का चयन पार्टी द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया से किया गया है और पार्टी का निर्णय सर्वमान्य होना चाहिए। स्थानीय स्तर पर मतदाताओं को भ्रमित करने के प्रयासों की निंदा करते हुए कहा गया कि जनता को सच्चाई समझनी चाहिए और निष्पक्ष निर्णय लेना चाहिए।
पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि संगठनात्मक एकता ही जीत की कुंजी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत मतभेदों को किनारे रखकर सामूहिक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
बैठक में परमा पाण्डेय, परेश तिवारी (अधिवक्ता), मिथिलेश कुमार झा, देवेन्द्र तिवारी, धन्नजय तिवारी, नारद तिवारी, मनोज तिवारी, धीरेन्द्र चौबे (अधिवक्ता), नीरज तिवारी, रेखा चौबे, रेखा पाठक, राजेश चौबे, ज्योतिष धर दुबे, कार्तिक पाण्डेय, अनन्त दुबे, अरूण दुबे, अनु दुबे, बब्लु दुबे, मुकेश पाठक, गुडू तिवारी, रवि दुबे, प्रमोद तिवारी, विपुल तिवारी, मुकेश तिवारी, मुन्ना तिवारी, कमलेश तिवारी, रविकांत दुबे, सच्चिदानंद तिवारी (अधिवक्ता), मयंक द्विवेदी, निशांत चौबे, अभिषेक दुबे, गुंजन दुबे, अंकित पाण्डेय, आनन्द पाण्डेय, विजय तिवारी, ब्रजेश तिवारी, मनोज चौबे, अभय तिवारी (अधिवक्ता), गुडू तिवारी (मानस मेडिकल), विकास पाण्डेय (अधिवक्ता), रमेन्द्र नाथ पाण्डेय (अधिवक्ता), परशुराम पाण्डेय (अधिवक्ता), करूणानीधि तिवारी (अधिवक्ता), गुडू तिवारी, धर्मेन्द्र मिश्रा (अधिवक्ता), टूनटून दुबे, नवीन तिवारी, जितेन्द्र चौबे, मिथलेश दुबे, संजय मिश्रा, राजेश तिवारी, देवकांत तिवारी, किशोर ओझा, अरविन्द मिश्रा, ज्ञान मिश्रा, माया तिवारी, रितेश तिवारी, सुश्री तृप्ति, सुश्री शुभग मूभीजा (शिक्षिका), अरविन्द तिवारी, रविशंकर दुबे, दीवाकर पाण्डेय, रिमझिम पाठक (अधिवक्ता), अनिल पाठक (अधिवक्ता), अरूण पाठक, उपेन्द्र तिवारी, श्रीमती मंजु शुक्ला सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में चुनावी माहौल गरम है। विभिन्न प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में लगे हैं। ऐसे समय में इस बैठक को झामुमो समर्थकों की एकजुटता के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में ही काम किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: चुनाव में विकास बनाम दुष्प्रचार की जंग
गढ़वा की यह बैठक बताती है कि नगर निकाय चुनाव अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। झामुमो नेतृत्व संगठनात्मक एकता पर जोर देकर संदेश देना चाहता है कि अंदरूनी मतभेदों को हवा नहीं दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि मतदाता विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं या जातीय समीकरणों को। आने वाले दिनों में प्रचार की दिशा और भी स्पष्ट होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की पहचान
नगर निकाय चुनाव स्थानीय विकास की दिशा तय करते हैं।
मतदान केवल अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है।
जाति, अफवाह और भ्रम से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है।
अपने शहर के भविष्य के लिए विवेकपूर्ण निर्णय लें।
आपकी एक वोट विकास की दिशा बदल सकती है।
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