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स्वामी विवेकानंद जयंती पर छिपादोहर में प्रेरणा और संस्कारों का उत्सव, विद्यार्थियों ने दी भावपूर्ण प्रस्तुतियां

#बरवाडीह #विवेकानंद_जयंती : छिपादोहर स्थित विद्यालय में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया आयोजन।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत छिपादोहर स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यालय निदेशक पंकज गिरि सहित शिक्षक, छात्र, अभिभावक और स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को प्रस्तुत किया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करना रहा।

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  • छिपादोहर स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में जयंती समारोह आयोजित।
  • विद्यालय निदेशक पंकज गिरि ने स्वामी विवेकानंद को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताया।
  • गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से बच्चों ने विचारों को किया जीवंत।
  • चित्रांकन, क्विज, भाषण प्रतियोगिता और चम्मच रेस का आयोजन।
  • सफल विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर किया गया सम्मानित।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के छिपादोहर में स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों से बच्चों और युवाओं को परिचित कराना तथा उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करना रहा।

माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से श्रद्धासुमन अर्पित कर स्वामी जी के आदर्शों को नमन किया। इसके बाद विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ हुई, जिसने पूरे वातावरण को प्रेरणादायी बना दिया।

निदेशक पंकज गिरि का प्रेरक संदेश

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक पंकज गिरि ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

निदेशक पंकज गिरि ने कहा:
“स्वामी विवेकानंद युवाओं के सच्चे प्रेरणास्रोत हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सार्थक और सफल बनाया जा सकता है। उनके विचार आज भी आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं।”

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन संघर्ष, आत्मबल और समाज सेवा का उदाहरण है, जिससे हर युवा को सीख लेनी चाहिए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

विद्यालय के विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों और संदेशों को मंच पर जीवंत कर दिया। देशभक्ति गीतों और प्रेरणादायी संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास और अनुशासन स्पष्ट रूप से झलक रहा था।

प्रतियोगिताओं में दिखा विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए चित्रांकन प्रतियोगिता, क्विज, भाषण प्रतियोगिता और चम्मच रेस का भी आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लिया। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना रहा।

सफल प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय प्रबंधन की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मगौरव साफ दिखाई दिया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आगे भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य लोगों की सहभागिता

कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक पंकज गिरि के साथ शिक्षक करतार सिंह, प्रीति खलखो, मुस्कान अख्तर, प्रतिमा तिग्गा सहित सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय गणमान्य लोग भी समारोह में शामिल हुए। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास और सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे और समाज व राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान देंगे।

न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूत पहल

छिपादोहर के इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि विद्यालय केवल किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्वामी विवेकानंद जयंती जैसे आयोजनों से बच्चों को प्रेरणा और दिशा मिलती है। ऐसे प्रयासों को निरंतर और व्यापक स्तर पर किए जाने की आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

युवाओं में विचार, चरित्र और आत्मबल का निर्माण जरूरी

स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को नई दिशा दिखाते हैं। यदि शिक्षा के साथ ऐसे मूल्यों को आत्मसात किया जाए, तो समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त बन सकते हैं। इस प्रेरणादायी खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में लिखें और युवाओं तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में सहभागी बनें।

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Akram Ansari

बरवाडीह, लातेहार

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