Gumla

चैनपुर थाना प्रभारी घूस लेते एसीबी के हत्थे चढ़े, दो दिन की पोस्टिंग में ही बड़ा खुलासा

#चैनपुर #गुमला #भ्रष्टाचार_कार्रवाई : एसीबी ने थाना प्रभारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

गुमला जिले के चैनपुर थाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। हाल ही में उनकी पोस्टिंग चैनपुर में हुई थी और दो दिन के भीतर ही यह कार्रवाई हुई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्रीय लोगों में संतोष और खुशी का माहौल देखा गया।

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  • चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा।
  • रिश्वत लेते समय की गई गुप्त निगरानी के बाद कार्रवाई
  • गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी को रांची ले गई
  • दो दिन पहले ही चैनपुर में हुई थी पोस्टिंग
  • बिशनपुर में भी कार्यकाल को लेकर थी नाराजगी

गुमला जिले के चैनपुर थाना में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने थाना प्रभारी शैलेश कुमार को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई थी, जिससे किसी को भनक तक नहीं लगी। अचानक हुई इस गिरफ्तारी से पुलिस विभाग के साथ-साथ पूरे चैनपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारी के अनुसार, शैलेश कुमार की पोस्टिंग महज दो दिन पहले ही चैनपुर थाना प्रभारी के रूप में हुई थी। इससे पहले वे बिशनपुर में जेएसआई के पद पर कार्यरत थे। बिशनपुर में भी उनके कार्यकाल को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष बताया जा रहा था। ऐसे में चैनपुर में नई तैनाती के तुरंत बाद ही एसीबी की यह कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है।

घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तारी

सूत्रों के मुताबिक, एसीबी को थाना प्रभारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, टीम ने मौके पर ही थाना प्रभारी को पकड़ लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को रांची ले जाया गया।

हालांकि रिश्वत की राशि और शिकायतकर्ता के संबंध में एसीबी की ओर से आधिकारिक जानकारी विस्तृत रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर थाना स्तर पर लंबित एक कार्य से जुड़ा हुआ था।

चैनपुर थाना परिसर में मचा हड़कंप

एसीबी की कार्रवाई के दौरान चैनपुर थाना परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिसकर्मी भी अचानक हुई इस कार्रवाई से हैरान दिखे। कई कर्मियों को तब मामले की गंभीरता का अंदाजा हुआ, जब एसीबी की टीम थाना प्रभारी को अपने साथ ले जाती दिखी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी की हालिया नियुक्ति के बावजूद जिस तरह से यह कार्रवाई हुई, उसने पूरे पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिशनपुर कार्यकाल को लेकर भी थी नाराजगी

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शैलेश कुमार के बिशनपुर में कार्यकाल के दौरान भी आम लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था। वहां भी उनके व्यवहार और कार्यशैली को लेकर शिकायतें सामने आती रही थीं। हालांकि उस समय कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई थी, लेकिन चैनपुर में आते ही एसीबी की कार्रवाई ने पुरानी शिकायतों को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

एसीबी की कार्रवाई से लोगों में खुशी

एंटी करप्शन ब्यूरो की इस कार्रवाई से चैनपुर और आसपास के इलाकों में लोगों में खुशी और संतोष का माहौल देखा गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा रिश्वत लेना बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।

कई लोगों ने कहा कि यदि इसी तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होती रही, तो आम जनता का प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।

पुलिस विभाग की छवि पर असर

यह मामला पुलिस विभाग की छवि के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के दिनों में राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, ऐसे में थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी का इस तरह पकड़ा जाना सिस्टम में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद विभागीय जांच और निलंबन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जा सकती है।

आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर

फिलहाल आरोपी थाना प्रभारी को रांची ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में किन-किन बिंदुओं पर जांच होती है और क्या इससे जुड़े अन्य पहलू भी सामने आते हैं।

न्यूज़ देखो: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

चैनपुर थाना प्रभारी की गिरफ्तारी यह साफ संकेत देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रह गई है। एसीबी की यह कार्रवाई पुलिस विभाग के भीतर भी एक मजबूत संदेश है। अब जरूरी है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जवाबदेही से ही बनेगा भरोसेमंद प्रशासन

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Aditya Kumar

डुमरी, गुमला

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