Palamau

छतरपुर नगर पंचायत की विकास योजनाओं पर सवाल, अनियमितता और धांधली के आरोप, जांच की मांग तेज

#छतरपुर #नगर_विकास : सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद गुप्ता ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल।

पलामू जिले के छतरपुर नगर पंचायत में संचालित विकास योजनाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और छतरपुर विकास मंच के सह-संस्थापक अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने नगर पंचायत पर अनियमितता और धांधली का आरोप लगाते हुए कार्यापालक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मामला नगर की बुनियादी सुविधाओं, निर्माण कार्यों और कर वसूली से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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  • छतरपुर नगर पंचायत की विकास योजनाओं में अनियमितता का आरोप।
  • सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद गुप्ता ने कार्यापालक अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।
  • आवास योजना, सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल।
  • होल्डिंग टैक्स वसूली में मनमानी का आरोप।
  • सरकारी गाड़ियों, बस स्टैंड और पानी टंकी को लेकर गंभीर चिंता।

पलामू जिले के छतरपुर नगर पंचायत में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। नगर पंचायत गठन के लगभग दस वर्ष बीत जाने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की हालत में कोई खास सुधार नहीं होने का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सह छतरपुर विकास मंच के सह-संस्थापक अध्यक्ष एवं नगर पंचायत के पूर्व और भावी अध्यक्ष रहे अरविंद गुप्ता ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस संबंध में कार्यापालक अधिकारी, छतरपुर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

दस वर्षों बाद भी बुनियादी सुविधाएं जस की तस

ज्ञापन में अरविंद गुप्ता ने उल्लेख किया है कि छतरपुर नगर पंचायत के गठन को लगभग एक दशक हो चुका है, लेकिन आज भी नगर की बुनियादी स्थिति में कोई उल्लेखनीय बदलाव नजर नहीं आता। करोड़ों रुपये की विकास योजनाएं स्वीकृत और खर्च होने के बावजूद आम नागरिकों को उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है।

आवास योजना और निर्माण कार्यों पर सवाल

अरविंद गुप्ता ने आवास योजना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि योजना के लाभुकों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। कई लाभुक वर्षों से राशि का इंतजार कर रहे हैं, जिससे वे अधूरे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि निर्माण कार्यों में मानक सामग्री के बजाय स्टोन डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके कारण सड़कों की हालत कुछ ही समय में खराब हो जाती है। यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि आम जनता के लिए परेशानी का कारण भी बन रहा है।

नगर पंचायत की संपत्तियों की बदहाल स्थिति

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा खरीदी गई कई सरकारी गाड़ियां वर्षों से खराब हालत में पड़ी हुई हैं। इन वाहनों का उपयोग नहीं होने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है।
इसके अलावा नगर में आज तक बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

टाउन हॉल और जल संकट पर चिंता

अरविंद गुप्ता ने टाउन हॉल निर्माण में हो रही देरी को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्षों से टाउन हॉल निर्माण की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।
इसके साथ ही उन्होंने संभावित जल संकट को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उनका आरोप है कि नगर में पानी की समस्या को देखते हुए बनाई गई पानी टंकी अब तक चालू नहीं हो सकी है, जो नगर पंचायत की लापरवाही को दर्शाता है।

होल्डिंग टैक्स वसूली में मनमानी का आरोप

ज्ञापन में एक अहम मुद्दा होल्डिंग टैक्स वसूली का भी उठाया गया है। अरविंद गुप्ता का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा लोगों से जबरन बढ़ा-चढ़ाकर टैक्स वसूला जा रहा है। कई मामलों में बिना उचित आकलन के ही कर राशि तय कर दी गई है, जिससे आम नागरिकों में असंतोष है। उन्होंने इसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बताया।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद गुप्ता ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि नगर पंचायत में चल रही सभी विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और वित्तीय लेन-देन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।

अरविंद गुप्ता ने कहा: “नगर पंचायत का उद्देश्य जनता की सेवा है, न कि सरकारी धन की बर्बादी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”

जनता में बढ़ती नाराजगी

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों को उम्मीद है कि इस ज्ञापन के बाद प्रशासन गंभीरता से मामले की जांच करेगा और नगर के विकास कार्यों में सुधार होगा।

न्यूज़ देखो: नगर विकास की सच्चाई आई सामने

छतरपुर नगर पंचायत को लेकर उठे ये आरोप स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ा इम्तिहान हैं। विकास योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना समय की मांग है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई जरूरी होगी।
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जागरूक नागरिक ही मजबूत नगर की पहचान

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Niranjan Kumar

छतरपुर, पलामू

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