
#हुसैनाबाद #पलामू #छठ_पूजा : बाबा विश्वनाथ पोखरा घाट पर श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।
पलामू के हुसैनाबाद स्थित बाबा विश्वनाथ भास्कर पोखरा छठ घाट पर छठ महापर्व के तीसरे दिन व्रतधारियों ने संध्या अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु घाट पर एकत्र हुए और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्ति गीतों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा। प्रशासन और स्थानीय समिति ने सुरक्षा व साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की।
- बाबा विश्वनाथ भास्कर पोखरा घाट पर उमड़ी भारी भीड़।
- व्रतधारियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित किया।
- पारंपरिक वेशभूषा और छठ गीतों से गूंजा पूरा घाट परिसर।
- नगर अध्यक्ष अजय भारती, सुनील चौधरी, उमा देवी समेत जनप्रतिनिधि रहे मौजूद।
- सुरक्षा और साफ-सफाई के विशेष इंतजाम प्रशासन व समिति द्वारा किए गए।
हुसैनाबाद क्षेत्र में छठ महापर्व के तीसरे दिन का दृश्य पूरी तरह आस्था और श्रद्धा से भरा नजर आया। बाबा विश्वनाथ भास्कर पोखरा छठ घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए, जहां व्रतधारियों ने संध्या बेला में अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों और जयकारों की गूंज सुनाई दी।
छठ घाट पर दिखा आस्था का जनसैलाब
छठ पूजा के अवसर पर बाबा विश्वनाथ भास्कर पोखरा घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर डाला और पूजा सामग्री लेकर घाट पहुंचे। घाट का दृश्य बेहद आकर्षक और भक्तिमय था, जहां हर कोई छठी मैया की आराधना में लीन दिखाई दिया।
जल में खड़े होकर व्रतधारियों ने सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और अपने परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। इस दौरान छठ गीतों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
परंपरा और अनुशासन का प्रतीक छठ पर्व
छठ पूजा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण और अनुशासनपूर्ण पर्व है। व्रतधारी पूरे नियमों का पालन करते हुए 36 घंटे का निर्जला उपवास रखते हैं। यह व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि आत्मसंयम, आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है।
छठ पर्व में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा के माध्यम से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की जाती है। यह पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक है।
प्रशासन और समिति की रही मुस्तैद भूमिका
घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय समिति पूरी तरह सक्रिय नजर आई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई और साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा गया।
इस दौरान नगर अध्यक्ष अजय कुमार भारती, नगर उपाध्यक्ष सुनील चौधरी और वार्ड पार्षद उमा देवी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सूर्य मंदिर समिति के सदस्य भी पूरे आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए।
उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ होगा समापन
अब छठ महापर्व अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। व्रतधारी उगते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गए हैं। सुबह के अर्घ्य के साथ ही यह चार दिवसीय पर्व संपन्न होगा और व्रती पारण कर अपना व्रत समाप्त करेंगे।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ प्रशासनिक व्यवस्था भी बनी मिसाल
हुसैनाबाद में छठ घाट पर उमड़ी भीड़ के बावजूद जिस तरह से प्रशासन और स्थानीय समिति ने व्यवस्था संभाली, वह सराहनीय है। ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं, बल्कि सामाजिक समन्वय और अनुशासन का भी उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। सवाल यह है कि क्या भविष्य में भी इसी तरह की व्यवस्थाएं लगातार बनाए रखी जा सकेंगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के इस पर्व को बनाएं और भी सुरक्षित व प्रेरणादायक
छठ महापर्व हमें अनुशासन, श्रद्धा और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश देता है। ऐसे पावन अवसर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्वच्छता, सुरक्षा और सामाजिक सहयोग को प्राथमिकता दें।
आइए, हम सभी मिलकर अपने पर्व-त्योहारों को और अधिक व्यवस्थित और प्रेरणादायक बनाएं।
आप भी अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें और इस खबर को अपने दोस्तों व परिवार तक पहुंचाकर आस्था की इस परंपरा को आगे बढ़ाएं।






