News dekho specials
Simdega

सिमडेगा की शंख नदी में 44वें आयोजन वर्ष भी गूंजे छठ गीत, हजारों श्रद्धालुओं ने की सूर्य उपासना

#सिमडेगा #छठ_पर्व : लोक आस्था का छठ महोत्सव शंख नदी तट पर संपन्न – श्रद्धा, भक्ति और सेवा की मिसाल बना आयोजन
  • सिमडेगा की शंख नदी पर छठ पूजा संस्थान के तत्वावधान में 44वां वार्षिक आयोजन धूमधाम से सम्पन्न।
  • हजारों व्रतधारी और श्रद्धालु सूर्य उपासना में शामिल हुए, घाटों पर गूंजे पारंपरिक छठ गीत
  • श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु लाइटिंग, सफाई, मार्ग और पार्किंग की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई।
  • संस्थान के कार्यकर्ता और संस्थापक सदस्य दिन-रात जुटे रहे आयोजन की सफलता में।
  • प्रदीप केसरी ने प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया

सिमडेगा। लोक आस्था और भक्ति का महापर्व छठ पूजा इस वर्ष भी सिमडेगा की पावन शंख नदी में अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शंख नदी छठ पूजा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित यह पर्व अपने 44वें वर्ष में प्रवेश कर गया। हज़ारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और व्रतधारिणी महिलाओं की आस्था ने घाटों को भक्तिमय बना दिया। “छठ मईया के जयकारे” और पारंपरिक गीतों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

श्रद्धा, संगठन और सहयोग का संगम

इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के संस्थापक सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत की। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट, पथ, लाइटिंग, स्वच्छता और पार्किंग की बेहतरीन व्यवस्था की गई थी। पूरे क्षेत्र में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी प्रशासन की ओर से की गई, जिससे पूजा सुचारू रूप से सम्पन्न हो सकी।

संस्थान के संस्थापक सदस्य प्रदीप केसरी ने कहा: “यह आयोजन हर वर्ष आस्था और सेवा की भावना को मजबूत करता है। प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, स्नेहा लाइट और केशरी साउंड के सहयोग से यह आयोजन सफल हो सका। हम सभी का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”

44 वर्षों की परंपरा बनी आस्था का प्रतीक

शंख नदी छठ पूजा संस्थान द्वारा 44 वर्षों से लगातार आयोजित यह पर्व अब सिमडेगा की पहचान बन गया है। श्रद्धालु न केवल आसपास के इलाकों से बल्कि दूर-दराज़ के गांवों से भी यहां पहुंचते हैं। संस्थान के सदस्य बिष्णु प्रसाद, फनी भूषण शाहा, बिनोद अग्रवाल, चंदन लाल, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, श्रीलाल साह, राकेश सिंह, दीपक अग्रवाल, श्रद्धानंद बेसरा, अक्षय कुमार, अजय प्रसाद, कृष्णा शर्मा, बसंत शर्मा, अमित मित्तल, संजय मिश्रा, राकेश सरगुजा, मंटू केशरी, रंजीत कुमार, शिंटू मिश्रा, ईश्वर प्रसाद और प्रदीप अग्रवाल (पिंटू) ने अपने योगदान से आयोजन को सफल बनाया।

सभी कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर व्यवस्था, सजावट और सुरक्षा सुनिश्चित की, ताकि श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के सूर्य उपासना कर सकें।

प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक एकता

जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर परिषद की संयुक्त पहल से आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा। सुरक्षा कर्मियों ने घाटों पर तैनाती दी, जबकि सफाईकर्मियों और स्वयंसेवकों ने सतत कार्य कर श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित माहौल तैयार किया।
स्थानीय नागरिकों ने इसे सिमडेगा की आस्था और एकजुटता का प्रतीक आयोजन बताया, जो हर वर्ष समाज को नई प्रेरणा देता है।

एक श्रद्धालु ने कहा: “यह आयोजन न केवल पूजा का अवसर है, बल्कि हमारी लोक संस्कृति और परंपरा की पहचान भी है।”

News dekho specials

न्यूज़ देखो: जब आस्था बनती है सामाजिक शक्ति

शंख नदी का यह आयोजन सिर्फ़ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामूहिक एकता, सहयोग और अनुशासन का उदाहरण है। 44 वर्षों से यह परंपरा दर्शाती है कि लोक आस्था जब संगठन और सेवा से जुड़ती है, तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था से प्रेरणा लें, सेवा को बनाएं जीवन का उद्देश्य

छठ पूजा हमें सिखाती है कि निस्वार्थ सेवा, अनुशासन और कृतज्ञता ही जीवन की असली पूंजी हैं।
आइए, इस लोक पर्व से प्रेरणा लेकर समाज में स्वच्छता, एकता और सहयोग की भावना को और मजबूत करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Birendra Tiwari

सिमडेगा

Related News

Back to top button
error: