
#बरवाडीह #बाल_संसद : विद्यार्थियों में नेतृत्व और अनुशासन विकसित करने की पहल शुरू।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित संत क्लारेट स्कूल लेदगाई में बाल संसद का गठन किया गया। इस पहल के तहत छात्रों को विभिन्न नेतृत्व पदों की जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और अनुशासन विकसित करना है। विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच चयनित छात्रों को बधाई दी गई।
- संत क्लारेट स्कूल, लेदगाई में बाल संसद का गठन।
- ओशन कुजूर बने स्कूल कैप्टन, सबा नाज़ वाइस कैप्टन।
- चार हाउस में कैप्टन और वाइस कैप्टन का चयन।
- अनुशासन और स्वच्छता के लिए विशेष पदाधिकारी नियुक्त।
- 20 छात्रों को रेंजर्स के रूप में जिम्मेदारी दी गई।
बरवाडीह प्रखंड के लेदगाई स्थित संत क्लारेट स्कूल में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए बाल संसद का गठन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व कौशल, जिम्मेदारी की भावना और अनुशासन को विकसित करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।
स्कूल कैप्टन और हाउस लीडर्स का चयन
बाल संसद के तहत विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर छात्रों का चयन किया गया। इसमें ओशन कुजूर को स्कूल कैप्टन और सबा नाज़ को वाइस कैप्टन बनाया गया।
इसके अलावा हाउस स्तर पर भी पदाधिकारियों का चयन किया गया—
- रेड हाउस: प्रिंस मिन्ज (कैप्टन), एंजल कच्छप (वाइस कैप्टन)
- ग्रीन हाउस: आयुष लाकड़ा (कैप्टन), रिद्धि सोनी (वाइस कैप्टन)
- ब्लू हाउस: मयंक बाड़ा (कैप्टन), एंजेली (वाइस कैप्टन)
- येलो हाउस: एमडी ज़ायर इरफान (कैप्टन), नैन्सी (वाइस कैप्टन)
इन पदाधिकारियों को विद्यालय की गतिविधियों के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
अनुशासन और स्वच्छता के लिए विशेष जिम्मेदारी
विद्यालय में अनुशासन और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसमें—
- डिसिप्लिन कैप्टन: अनिवेश
- वाइस कैप्टन: इस्वी
- क्लीनलिनेस कैप्टन: रौनक प्रतीक
- वाइस कैप्टन: रागिनी कुजूर
इन छात्रों को विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने और स्वच्छता सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है।
रेंजर्स टीम का गठन
इसके अलावा 20 विद्यार्थियों को रेंजर्स के रूप में चुना गया, जो विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सहयोग करेंगे और अनुशासन बनाए रखने में मदद करेंगे।
नेतृत्व कौशल विकसित करने की पहल
विद्यालय प्रबंधन ने सभी चयनित छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करें और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनें।
प्रबंधन ने कहा: “बाल संसद से छात्रों में नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क की भावना विकसित होगी।”
छात्रों में दिखा उत्साह
बाल संसद के गठन से छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। चयनित विद्यार्थियों ने अपनी नई जिम्मेदारियों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और विद्यालय के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: स्कूल से ही बनता है नेतृत्व का आधार
लेदगाई के संत क्लारेट स्कूल की यह पहल दर्शाती है कि बच्चों में नेतृत्व कौशल का विकास स्कूल स्तर से ही शुरू होना चाहिए। बाल संसद जैसे कार्यक्रम छात्रों को जिम्मेदारी और अनुशासन सिखाने का प्रभावी माध्यम हैं। अब देखना होगा कि यह पहल छात्रों के व्यवहार और प्रदर्शन में कितना सकारात्मक बदलाव लाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बच्चों को दें नेतृत्व का अवसर
हर बच्चा अपने अंदर नेतृत्व की क्षमता रखता है, बस उसे सही अवसर की जरूरत होती है।
स्कूल में ऐसे कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।
आइए, हम भी बच्चों को आगे बढ़ने और जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करें।
नेतृत्व ही भविष्य की सफलता की कुंजी है।
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