लवालोंग के शिवराजपुर में नेटवर्क संकट, मोबाइल सिग्नल के लिए पेड़ और छत पर चढ़ने को मजबूर ग्रामीण

लवालोंग के शिवराजपुर में नेटवर्क संकट, मोबाइल सिग्नल के लिए पेड़ और छत पर चढ़ने को मजबूर ग्रामीण

author Binod Kumar
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#लवालोंग #डिजिटल_समस्या : नेटवर्क नहीं मिलने से शिक्षा और भुगतान व्यवस्था प्रभावित।

चतरा जिले के लवालोंग प्रखंड के शिवराजपुर गांव में आज भी नेटवर्क की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों को फोन पर बात करने और ऑनलाइन कार्यों के लिए ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई और डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधि भी आवाज उठा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।

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  • शिवराजपुर गांव में नेटवर्क की गंभीर समस्या।
  • ग्रामीणों को फोन के लिए पेड़ और छत पर चढ़ना पड़ता है
  • बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई और यूपीआई भुगतान प्रभावित
  • पूरे प्रखंड के कई गांव डिजिटल सुविधा से वंचित
  • विधायक कुमार उज्वल दास ने उठाया मुद्दा, समाधान लंबित।

चतरा जिले के लवालोंग प्रखंड अंतर्गत शिवराजपुर गांव आज भी नेटवर्क की समस्या से जूझ रहा है। डिजिटल इंडिया के दावों के बीच यह गांव अब भी बुनियादी मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित है, जिससे ग्रामीणों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

फोन करने के लिए ढूंढनी पड़ती है जगह

गांव के लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए घर की छत या ऊंची जगहों पर जाना पड़ता है। कई बार नेटवर्क पाने के लिए पेड़ों पर चढ़ना भी उनकी मजबूरी बन जाता है।

ग्रामीणों ने बताया: “फोन करने के लिए हमें हर बार नेटवर्क की तलाश करनी पड़ती है।”

यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।

पढ़ाई और डिजिटल भुगतान पर असर

नेटवर्क की कमी का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ऑनलाइन क्लास के लिए उन्हें छत या खुले स्थानों का सहारा लेना पड़ता है।

इसके अलावा यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक लेन-देन में परेशानी हो रही है।

युवाओं की चिंता बढ़ी

गांव के युवाओं को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि कुछ युवक अपने भविष्य और सामाजिक जीवन को लेकर भी चिंतित हैं, क्योंकि बुनियादी सुविधाओं की कमी उनके जीवन को प्रभावित कर रही है।

जनप्रतिनिधि उठा चुके हैं मुद्दा

स्थानीय विधायक कुमार उज्वल दास ने इस समस्या को विधानसभा में भी उठाया है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

कई गांवों में एक जैसी स्थिति

शिवराजपुर अकेला गांव नहीं है, बल्कि पूरे लवालोंग प्रखंड में कई ऐसे गांव हैं जहां नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल विकास की गति धीमी पड़ रही है।

समाधान की दरकार

ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि जल्द से जल्द मोबाइल टावर स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

न्यूज़ देखो: डिजिटल इंडिया की जमीनी हकीकत

शिवराजपुर गांव की स्थिति यह दिखाती है कि डिजिटल इंडिया का सपना अभी भी कई ग्रामीण इलाकों तक नहीं पहुंच पाया है। जब तक बुनियादी नेटवर्क सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तब तक डिजिटल योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा। अब यह देखना होगा कि सरकार इस दिशा में कब ठोस कदम उठाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

कनेक्टिविटी ही विकास की कुंजी

आज के समय में इंटरनेट और नेटवर्क जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
शिक्षा, रोजगार और सेवाओं के लिए यह जरूरी है।
जरूरी है कि हर गांव तक डिजिटल सुविधा पहुंचे।
आप भी इस मुद्दे को उठाएं और जागरूकता फैलाएं।

अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस समस्या को अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

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लावालोंग, चतरा

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