#गढ़वा #ठगी_मामला : चौकीदार भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा — युवकों से रुपये लेकर दिया झांसा।
गढ़वा थाना में कार्यरत एक चौकीदार द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने युवकों से पैसे लेकर फर्जी बहाली का झांसा दिया और नकली दस्तावेज तैयार किए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह घटना बेरोजगार युवाओं के साथ हो रहे धोखाधड़ी के मामलों को उजागर करती है।
- गढ़वा थाना का चौकीदार नौकरी दिलाने के नाम पर गिरफ्तार।
- फर्जी बहाली विज्ञापन बनाकर युवकों से वसूले रुपये।
- कई युवकों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से पैसे लिए गए।
- शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
- आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
गढ़वा। जिले में बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में गढ़वा थाना में कार्यरत एक चौकीदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी पर कई युवकों से पैसे लेकर उन्हें चौकीदार की नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगवां निवासी शिव राम के पुत्र राजू पासवान, जो गढ़वा थाना में चौकीदार के रूप में कार्यरत है, ने चार युवकों को चौकीदार में बहाल कराने का झांसा दिया। उसने इस ठगी को अंजाम देने के लिए एक फर्जी कागजात भी तैयार किया था, जिसमें बहाली से संबंधित पूरी प्रक्रिया और ड्यूटी जॉइन करने की तारीख तक अंकित थी।
फर्जी विज्ञापन बनाकर किया ठगी का खेल
आरोपी ने युवकों का विश्वास जीतने के लिए एक फर्जी बहाली विज्ञापन तैयार किया था।
इस विज्ञापन में गढ़वा थाना में चौकीदार की बहाली का दावा किया गया था, जिससे युवकों को यह लगा कि भर्ती प्रक्रिया वास्तविक है।
इसी झांसे में आकर कई युवक उसके संपर्क में आए और पैसे दे दिए।
युवकों से इस तरह वसूले पैसे
मामले में कई युवकों से अलग-अलग तरीकों से पैसे वसूले गए।
- सोनपुरवा निवासी सुखाड़ी राम के पुत्र शिवकुमार से आरोपी ने 9200 रुपये नकद और 5000 रुपये फोनपे के माध्यम से लिए।
- सुखबाना गांव निवासी नंदलाल दास से उनके पुत्र मिथिलेश कुमार और पंकज कुमार को नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की गई, जिसमें से 19,400 रुपये एडवांस के रूप में ले लिए गए।
- इसी तरह धनंजय कुमार (पुत्र मनदीप राम, सुखबाना) से भी 5000 रुपये एडवांस के तौर पर वसूले गए।
इस प्रकार आरोपी ने बेरोजगार युवकों को झांसा देकर उनसे हजारों रुपये ठग लिए।
ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब शिवकुमार ने बहाली से संबंधित कागजात किसी अन्य व्यक्ति को दिखाया।
कागजात की जांच करने पर उसे फर्जी बताया गया, जिसके बाद शिवकुमार को ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद उसने तुरंत गढ़वा थाना पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को पूरी जानकारी दी और लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की।
जांच के दौरान आरोपी राजू पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अब इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसमें अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं।
बेरोजगार युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत
यह घटना यह दर्शाती है कि नौकरी की तलाश में लगे युवाओं को कितनी सावधानी बरतने की जरूरत है।
फर्जी विज्ञापन और झूठे वादों के जरिए ठगी करने वाले लोग लगातार सक्रिय हैं, जिससे बचना बेहद जरूरी है।
न्यूज़ देखो: बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने वालों पर सख्ती जरूरी
गढ़वा का यह मामला बताता है कि कैसे कुछ लोग बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
क्या प्रशासन ऐसे फर्जी विज्ञापनों पर नजर रखने के लिए कोई ठोस व्यवस्था करेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सतर्क करें
नौकरी की तलाश में जल्दबाजी और भरोसा दोनों ही खतरनाक हो सकते हैं।
हमेशा आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और किसी भी प्रकार के पैसे देने से पहले पूरी जांच करें।
अगर आपको कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस खबर को अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर साझा करें, अपनी राय कमेंट में बताएं और जागरूक समाज बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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