
#पिपरवार #चतरा #संगठनगठन : एससी-एसटी कर्मचारियों के हितों को लेकर नई कमिटी का पुनर्गठन।
चतरा के पिपरवार क्षेत्र में कोल इंडिया एससी-एसटी इंप्लाइज एसोसिएशन सिस्टा की अशोक ओसीपी शाखा कमिटी का गठन किया गया। 31 सदस्यीय नई कमिटी के गठन के साथ संगठन को मजबूत करने और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर काम करने का संकल्प लिया गया।
- अशोक ओसीपी शाखा में 31 सदस्यीय कमिटी का गठन।
- पुरन गंझू बनाए गए अध्यक्ष।
- व्याकुल सेठ को मिली सचिव की जिम्मेदारी।
- एससी-एसटी कर्मचारियों के हक-अधिकार और आरक्षण पर फोकस।
- संगठन को मजबूत करने का लिया गया संकल्प।
चतरा जिले के पिपरवार क्षेत्र में कोल इंडिया एससी-एसटी इंप्लाइज एसोसिएशन (सिस्टा) के अंतर्गत अशोक ओसीपी शाखा कमिटी का पुनर्गठन किया गया। इस दौरान कुल 31 सदस्यों की तृतीय कमिटी का गठन किया गया, जिसमें विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रमुख पदाधिकारियों की घोषणा
नई कमिटी में पुरन गंझू को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि उपाध्यक्ष के रूप में नरेंद्र उरांव, गणेश राम और दिनेश दुसाध को जिम्मेदारी दी गई है।
सचिव पद पर व्याकुल सेठ को नियुक्त किया गया है, जबकि सहायक सचिव के रूप में कृष्णा राम, रमेश गंझू, अनिल कुमार और वासुदेव गंझू को शामिल किया गया है।
कोष और संगठन की जिम्मेदारी
कोषाध्यक्ष के रूप में योगेंद्र गंझू को जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं उपकोषाध्यक्ष के रूप में नाथ राम सतनामी को नियुक्त किया गया है।
संगठन सचिव के पद पर विनोद कुमार, कुलदीप लोहार, किशुन मुंडा, गणेश रविदास और बालेश्वर गंझू को शामिल किया गया है।
कार्यकारिणी सदस्यों की भी घोषणा
कार्यकारिणी समिति में शिबू लोहार, ललकु भुईयां, विराट आनंद, तपेश्वर भुईयां, जगदीश गंझू, मस्कलन कुंडूलना, टेंन सेन पंकज, मनोज राम, राजू भुईयां सहित कई सदस्यों को शामिल किया गया है।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
सिस्टा पिपरवार एरिया के सचिव कामेश्वर राम ने सभी नवगठित पदाधिकारियों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह टीम संगठन को मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि कमिटी के सदस्य एससी-एसटी मजदूरों के हक-अधिकार, आरक्षण और प्रमोशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर सकारात्मक पहल करेंगे।
न्यूज़ देखो: संगठन की मजबूती से मिलती है आवाज
सिस्टा की नई कमिटी का गठन कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रयास मजदूरों की समस्याओं को उठाने और समाधान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संगठित रहें, अधिकार पाएं
जब कर्मचारी संगठित होते हैं, तभी उनके अधिकारों की आवाज बुलंद होती है। एकजुटता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
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