
#छतरपुर #सरहुल_पर्व : नगर अध्यक्ष ने जनजातीय समाज के साथ जुलूस में शामिल होकर दिया एकता का संदेश।
पलामू जिले के छतरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में सरहुल महोत्सव पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ‘चुनमुन’ ने जुलूस में शामिल होकर लोगों के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। पूरे क्षेत्र में भाईचारे और उत्सव का माहौल बना रहा।
- छतरपुर नगर पंचायत में सरहुल महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
- नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ‘चुनमुन’ जुलूस में हुए शामिल।
- पारंपरिक वेशभूषा में निकला भव्य जुलूस।
- ढोल-नगाड़ों पर हुए जनजातीय नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- प्रकृति पूजा और साल वृक्ष के फूलों का विशेष महत्व।
- समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।
पलामू जिले के छतरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में प्रकृति पर्व सरहुल पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ‘चुनमुन’ ने जनजातीय समाज के साथ जुलूस में भाग लेकर पर्व की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल हुए।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकला भव्य जुलूस
सरहुल पर्व के अवसर पर विभिन्न गांवों और टोला-मोहल्लों से पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग जुलूस के रूप में निकले। महिलाएं सफेद-लाल साड़ियों में और पुरुष धोती-कुर्ता व सिर पर पगड़ी बांधे हुए नजर आए।
जुलूस के दौरान सरना स्थल पर पूजा-अर्चना की गई और प्रकृति देवी की आराधना की गई। इस पूजा में साल वृक्ष के फूलों का विशेष महत्व रहा, जो सरहुल पर्व की पहचान माने जाते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा क्षेत्र
महोत्सव के दौरान ढोल-नगाड़ों और मांदर की थाप पर पारंपरिक जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किए गए। युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।
नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ‘चुनमुन’ भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और लोगों के बीच रहकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते नजर आए।
सामाजिक सौहार्द और एकता का प्रतीक बना पर्व
सरहुल महोत्सव के दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और मिल-जुलकर पर्व मनाया। इससे क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का मजबूत संदेश देखने को मिला।
यह पर्व केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और एकता का संदेश देने का भी माध्यम बना।
प्रकृति संरक्षण पर दिया जोर
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ‘चुनमुन’ ने प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया।
अरविंद कुमार गुप्ता ‘चुनमुन’ ने कहा: “मानव जीवन पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर है, इसलिए जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की अपील
नगर अध्यक्ष ने जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर की सराहना की। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति को समझें, अपनाएं और इसे आगे बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए भी लगातार प्रयास किए जाएंगे।
पूरे क्षेत्र में रहा उत्सव का माहौल
सरहुल पर्व के अवसर पर छतरपुर क्षेत्र में चारों ओर उत्सव का माहौल देखने को मिला। लोगों ने हर्षोल्लास के साथ इस प्रकृति पर्व को मनाया और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं।
न्यूज़ देखो: संस्कृति और प्रकृति के संगम का संदेश देता सरहुल
छतरपुर में मनाया गया सरहुल महोत्सव यह दिखाता है कि प्रकृति और संस्कृति के बीच गहरा संबंध आज भी समाज में जीवित है। जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और लोगों की सक्रिय उपस्थिति इस आयोजन को और खास बनाती है। ऐसे पर्व समाज को जोड़ने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रकृति से जुड़ें, परंपराओं को संजोएं और भविष्य सुरक्षित बनाएं
सरहुल हमें यह सिखाता है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही जीवन संभव है। आज के समय में पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान दोनों को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। आइए हम सब मिलकर अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाएं और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें। अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और इस सकारात्मक संदेश को फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।


