
#पाण्डु #गांवकीसमस्या : मुसीखाप में जल निकासी ठप — सड़क बनी नाली, जिम्मेदारों पर उठे सवाल।
पलामू के पाण्डु प्रखंड के मुसीखाप गांव में जल निकासी की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जहां सड़क पर ही नाली का गंदा पानी बह रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस स्थिति से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और बीमारी का खतरा भी बढ़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
- मुसीखाप गांव में सड़क पर बह रहा गंदा पानी।
- जल निकासी नहीं होने से सड़क बनी नाली।
- ग्रामीणों का आरोप—शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं।
- प्रवेश साव और सतबीर सिंह ने दिया आश्वासन।
- समस्या से आवागमन और स्वास्थ्य पर असर।
पाण्डु (पलामू), प्रतिनिधि।
पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड अंतर्गत मुसीखाप गांव में विकास के दावों की हकीकत सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है। जिस सड़क का निर्माण ग्रामीणों की सुविधा के लिए किया गया था, वही अब नाली में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर गंदा पानी बहने और जगह-जगह जलजमाव होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। सड़क पर बहता गंदा पानी न केवल आवागमन में बाधा बन रहा है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी पैदा कर रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है:
“बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे हमारी परेशानी बढ़ती जा रही है।”
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब पूरे रास्ते पर पानी भर जाता है।
सड़क बनी नाली, बढ़ा संकट
गांव की मुख्य सड़क पर नाली का पानी बहने से कीचड़ और गंदगी फैल रही है। इससे न केवल पैदल चलने में दिक्कत हो रही है, बल्कि दोपहिया और अन्य वाहनों के लिए भी रास्ता जोखिम भरा हो गया है।
बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों का आश्वासन
मामले को लेकर पंचायत समिति सदस्य प्रवेश साव ने कहा कि जैसे ही फंड उपलब्ध होगा, नाली निर्माण की दिशा में कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रवेश साव ने कहा:
“फंड मिलते ही नाली निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।”
वहीं पंचायत के उपमुखिया सतबीर सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सड़क पर पानी बहाना बंद करें और समस्या के समाधान में सहयोग करें।
सतबीर सिंह ने कहा:
“जो लोग सड़क पर पानी बहा रहे हैं, वे इसे तुरंत बंद करें। जल्द ही नाली निर्माण की पहल की जाएगी।”
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर खतरा
सड़क पर गंदा पानी जमा होने से मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही समाधान नहीं हुआ, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
विकास के दावों पर सवाल
इस पूरे मामले ने गांव में विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कागजों पर दिखने वाले विकास और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ नजर आ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
न्यूज़ देखो: जमीनी हकीकत सुधारना ही असली विकास
मुसीखाप गांव की यह स्थिति बताती है कि केवल योजनाएं बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही क्रियान्वयन भी जरूरी है। जब तक बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक विकास अधूरा ही रहेगा।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई करेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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