
#बानो #ठंडराहतपहल : बढ़ती ठंड को देखते हुए बड़ाइक टोली में बुजुर्ग माताओं को कंबल वितरित किए गए।
बानो प्रखंड के बड़ाइक टोली में बढ़ते ठंड के प्रकोप को देखते हुए बुजुर्ग माताओं के बीच कंबल वितरण किया गया। इस राहत पहल का उद्देश्य ठंड से प्रभावित बुजुर्गों को सुरक्षित रखने और उन्हें आवश्यक सहारा प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में बीस सूत्री समिति और झामुमो के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों ने ठंड के मौसम में बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
- बानो बड़ाइक टोली में किया गया कंबल वितरण।
- बुजुर्ग माताओं को ठंड से राहत पहुंचाने की पहल।
- 20 सूत्री अध्यक्ष बिदेशिया बड़ाइक रहे मौजूद।
- उपाध्यक्ष मनीर खान, झामुमो उपाध्यक्ष तनवीर हुसैन व सचिव अमित बडिंग की उपस्थिति।
- ठंड में बुजुर्गों और बीमारों को विशेष सावधानी की सलाह।
बानो प्रखंड अंतर्गत बड़ाइक टोली में लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए एक सराहनीय राहत पहल की गई। इस दौरान क्षेत्र की बुजुर्ग माताओं के बीच कंबल का वितरण किया गया, जिससे उन्हें ठंड से कुछ हद तक राहत मिल सके। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों की भी उपस्थिति रही और उन्होंने इस पहल की सराहना की।
ठंड से बचाव के लिए सामाजिक पहल
इन दिनों क्षेत्र में तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिससे सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बड़ाइक टोली में कंबल वितरण का आयोजन किया गया। आयोजन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ठंड के इस मौसम में कोई भी बुजुर्ग असहाय न रहे।
जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय उपस्थिति
कंबल वितरण कार्यक्रम में 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष बिदेशिया बड़ाइक, 20 सूत्री उपाध्यक्ष मनीर खान, झामुमो उपाध्यक्ष तनवीर हुसैन एवं झामुमो सचिव अमित बडिंग उपस्थित रहे। सभी ने बुजुर्ग माताओं को कंबल प्रदान कर उनका हालचाल जाना और ठंड से बचाव के उपायों पर चर्चा की।
बिदेशिया बड़ाइक ने दी सावधानी बरतने की सलाह
इस अवसर पर 20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष बिदेशिया बड़ाइक ने कहा कि बीते कई दिनों से क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई है।
बिदेशिया बड़ाइक ने कहा: “ठंड से बचाव बेहद जरूरी है। खासकर बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद बुजुर्गों का ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत मदद करें।
बुजुर्ग माताओं के चेहरे पर दिखी राहत
कंबल मिलने के बाद बुजुर्ग माताओं के चेहरे पर राहत और संतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने इस पहल के लिए आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि ठंड के मौसम में इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।
सामाजिक सहयोग से ही संभव है राहत कार्य
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि समाज के सक्षम लोगों और जनप्रतिनिधियों को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। ठंड, गर्मी या किसी भी आपदा के समय सामूहिक सहयोग से ही वास्तविक राहत पहुंचाई जा सकती है।
न्यूज़ देखो: ठंड में मानवता की मिसाल
बड़ाइक टोली में किया गया कंबल वितरण यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर भी जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता संवेदनशील भूमिका निभा रहे हैं। ठंड के मौसम में बुजुर्गों की चिंता करना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे छोटे लेकिन प्रभावी प्रयास जरूरतमंदों के जीवन में बड़ी राहत बनते हैं। आने वाले दिनों में यदि ऐसी पहलें निरंतर होती रहीं, तो सामाजिक एकजुटता और मजबूत होगी।
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संवेदना से ही बनता है मजबूत समाज
ठंड के मौसम में एक कंबल भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकता है।
बुजुर्गों का सम्मान और सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
ऐसी पहलें समाज में आपसी सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करती हैं।
जरूरत है कि हर कोई अपने स्तर पर आगे आए।





