#लचरागढ़ #धार्मिक_समारोह : जीईएल चर्च में आयोजन—युवाओं ने ग्रहण किया दृढ़ीकरण संस्कार।
सिमडेगा के लचरागढ़ स्थित जीईएल चर्च में 62 युवक-युवतियों का दृढ़ीकरण संस्कार सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी समेत कई अतिथि शामिल हुए। धार्मिक विधि-विधान के साथ संस्कार कराया गया। युवाओं को जीवन में अनुशासन और सेवा का संदेश दिया गया।
- जीईएल चर्च में 62 युवक-युवतियों का दृढ़ीकरण संस्कार।
- नमन बिक्सल कोनगाड़ी मुख्य अतिथि रहे।
- धार्मिक विधि से संस्कार सम्पन्न कराया गया।
- युवाओं को सेवा और अनुशासन का संदेश।
- बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत लचरागढ़ स्थित जीईएल चर्च पास्टोरेट में भव्य दृढ़ीकरण संस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 62 युवक-युवतियों—31 युवक और 31 युवतियों—ने धार्मिक विधि-विधान के साथ दृढ़ीकरण संस्कार ग्रहण किया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना था।
धार्मिक विधि-विधान के साथ संस्कार सम्पन्न
समारोह की शुरुआत युवक-युवतियों के स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद चर्च परिषद स्थल पर पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार संस्कार सम्पन्न कराया गया।
पादरी जुलेन बागे ने कहा: “दृढ़ीकरण संस्कार व्यक्ति को प्रभु के सानिध्य में लाता है और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी को मजबूत करता है।”
इस दौरान विनती-आराधना और प्रार्थना के माध्यम से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नमन बिक्सल कोनगाड़ी (विधायक) उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में पादरी जुलेन बागे, पादरी प्रदीप केरकेट्टा, पादरी सुड़ालेन गुड़िया, रावेल लकड़ा, जिरेन मड़की शामिल थीं।
नमन बिक्सल कोनगाड़ी ने कहा: “युवा प्रभु की वाणी को जीवन में उतारकर समाज के प्रति अपने दायित्व निभाएं।”
युवाओं को मिला प्रेरक संदेश
अतिथियों ने नव-दृढ़ीकरण अभिलाषियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और आत्मिक विकास का संदेश दिया।
जिरेन मड़की ने कहा: “युवाओं को समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
चर्च मंडली द्वारा स्वागत
सभी अतिथियों का स्वागत मंडली के सदस्यों द्वारा माला पहनाकर और स्वागत गीत प्रस्तुत कर किया गया।
एक सदस्य ने कहा: “इस तरह के आयोजन से सामुदायिक एकता मजबूत होती है।”
पादरियों का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित पादरियों ने कहा कि दृढ़ीकरण संस्कार व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक और सामाजिक संतुलन स्थापित करता है।
पादरी प्रदीप केरकेट्टा ने कहा: “यह संस्कार व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”
विभिन्न संगठनों की भागीदारी
इस अवसर पर मुक्ति समद, जिरेन मड़की, जीनिद बागे, जयप्रकाश कंडुलना, दीपक कंडुलना, इसराइल तोपनो, इलियास सुरिन, सुरेश समद, नेलन बुढ़, बेदन बागे, रसिकन कंडुलना, समीर कुजूर, नूतन कंडुलना, प्रीतिवंति बागे, रोशन लुगुन, उषा बुढ़, किरूम डांग, जेराल्ड एक्का, संदीप समद, जोन्सन कंडुलना सहित कई लोग उपस्थित रहे।
संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन समीर कुजूर और रसिकन कंडुलना ने किया।
सामाजिक और धार्मिक संदेश
इस आयोजन ने युवाओं को धार्मिक मूल्यों के साथ-साथ समाज सेवा की भावना से जोड़ने का कार्य किया।
प्रेरणादायक वातावरण
पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जिसने सभी को प्रभावित किया।

न्यूज़ देखो: परंपरा और जिम्मेदारी का संगम
लचरागढ़ का यह आयोजन दिखाता है कि धार्मिक संस्कार केवल आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी सिखाते हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा और संस्कार अपनाएं
धार्मिक मूल्यों को जीवन में उतारें।
समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।
युवाओं को सही दिशा देना जरूरी है।
आइए, हम संस्कार और सेवा के मार्ग पर चलें।
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