#सिमडेगा #जनजातीय_समागम : संघ कार्यालय में बैठक—अभियान की रूपरेखा और जनभागीदारी पर चर्चा।
सिमडेगा में जनजातीय संस्कृति समागम को लेकर बैठक आयोजित हुई। अभियान को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई गई। कार्यकर्ताओं को अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
- बसंत नारायण मांझी की अध्यक्षता में बैठक।
- “चलो दिल्ली अभियान” को सफल बनाने पर जोर।
- जनजातीय संस्कृति के संरक्षण पर चर्चा।
- कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद।
- अभियान में अधिक भागीदारी का संकल्प।
सिमडेगा जिले में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के तहत संघ कार्यालय परिसर में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक बसंत नारायण मांझी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य “जनजाति संस्कृति समागम चलो दिल्ली अभियान” को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार करना था।
इस दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अभियान के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से चर्चा की और इसे व्यापक स्तर पर सफल बनाने के लिए विचार-विमर्श किया।
अभियान की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा
बैठक में अभियान के उद्देश्य, कार्यक्रम की रूपरेखा और कार्यान्वयन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बसंत नारायण मांझी ने कहा: “जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
जनभागीदारी पर विशेष जोर
बैठक में वक्ताओं ने अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया।
एक वक्ता ने कहा: “जनभागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है।”
कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
संस्कृति संरक्षण का उद्देश्य
वक्ताओं ने कहा कि जनजातीय परंपराओं, संस्कृति और जीवन शैली को संरक्षित और प्रचारित करना समय की आवश्यकता है।
खेडू नायक ने कहा: “हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, इसे बचाना जरूरी है।”
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में खेडू नायक (विभाग संगठन मंत्री), मुनेश्वर तिर्की (एसटी मोर्चा जिला महामंत्री), वेद प्रकाश (सह संयोजक), उर्मिला देवी (मंडल प्रमुख), करिश्मा कुमारी (संघ प्रमुख), इंदुमती बरला (जिला महिला सचिव), संपति कुमारी (जिला महिला प्रमुख), ममता कुमारी (मंडल प्रमुख), महेश सिंह (भाजयुमो मंडल महामंत्री), सखी लोहरा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं का संकल्प
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
एक कार्यकर्ता ने कहा: “हम अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करेंगे।”
जागरूकता अभियान की तैयारी
कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को इस अभियान के बारे में जानकारी दें।
आयोजन की तैयारी तेज
इस बैठक के बाद अभियान को लेकर तैयारियां और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यूज़ देखो: संस्कृति बचाने की पहल
सिमडेगा की यह बैठक दिखाती है कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। लेकिन क्या यह अभियान जमीन पर प्रभावी रूप से लागू होगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपनी संस्कृति को बचाएं
संस्कृति हमारी पहचान है।
इसे संरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
जागरूकता से ही बदलाव संभव है।
आइए, हम अपनी विरासत को आगे बढ़ाएं।
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