Ranchi

कांग्रेस ने शुरू किया 45 दिवसीय मनरेगा बचाओ संग्राम: 11 जनवरी से पूरे झारखंड में आंदोलन का एलान

#रांची #मनरेगा_संघर्ष : प्रदेश कांग्रेस ने मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए 45 दिवसीय आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा जारी की।
  • रांची स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कार्यक्रम की घोषणा।
  • प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने 45 दिवसीय ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की रूपरेखा साझा की।
  • प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने केंद्र सरकार पर मनरेगा की आत्मा खत्म करने का आरोप लगाया।
  • महानगर अध्यक्ष कुमार राजा ने भाजपा पर गांधी विचारधारा से विमुख होने का आरोप।
  • 11 जनवरी से जिला मुख्यालयों में उपवास, पंचायत से राजभवन तक आंदोलन।
  • मनरेगा मजदूरों के हक और सम्मान की रक्षा का संकल्प।

झारखंड कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बचाने के लिए राज्यव्यापी जन आंदोलन का ऐलान कर दिया है। शनिवार को रांची स्थित झारखंड कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने 45 दिवसीय ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारणी जारी की। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और रांची महानगर अध्यक्ष कुमार राजा भी उपस्थित रहे।

मनरेगा पर संकट, कांग्रेस सड़क पर उतरेगी

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा कार्यक्रम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार जानबूझकर मनरेगा को कमजोर कर रही है, जिससे मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और पूरे झारखंड में चरणबद्ध आंदोलन के जरिए सरकार को जगाने का काम करेगी।

गांधी बनाम गोडसे की राजनीति : कुमार राजा

रांची महानगर अध्यक्ष कुमार राजा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को गोडसे से प्रेम है और वे महात्मा गांधी के विचारों को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा मजबूरी में कभी-कभी गांधी को याद करती है, लेकिन व्यवहार में उनकी नीतियों के खिलाफ काम करती है।
कुमार राजा ने कहा कि झारखंड में लाखों मनरेगा मजदूर हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है। मनरेगा के कारण ग्रामीण महिलाएं पलायन से बची थीं और गांवों में कई विकास कार्य हुए। मनरेगा मजदूरों के लिए सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का प्रतीक रहा है, जिसे भाजपा सरकार ने कुचल दिया है।

मनरेगा की आत्मा खत्म की जा रही है : शहजादा अनवर

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा की आत्मा ही मार दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों का बकाया भुगतान नहीं कर रही है, जिससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा झूठा भ्रम फैला रही है कि वह 125 दिन का रोजगार दे रही है, जबकि हकीकत में यह केवल जुमला है। मनरेगा के तहत मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही मजदूरी का भुगतान।

45 दिवसीय आंदोलन का पूरा कार्यक्रम

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का विस्तृत कार्यक्रम साझा करते हुए बताया—

  • 11 जनवरी 2026 : राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस द्वारा उपवास कार्यक्रम।
  • 12 जनवरी से 29 जनवरी : पंचायत स्तर पर नुक्कड़ सभा, जनजागरण अभियान और प्रदर्शन।
  • 30 जनवरी : वार्ड स्तर पर धरना कार्यक्रम।
  • 31 जनवरी से 6 फरवरी : सभी जिला मुख्यालयों में क्रमिक धरना।
  • 7 फरवरी से 15 फरवरी : विधानसभा और राजभवन का घेराव।
  • इसके बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रवार आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और जनहित में होगा।

मजदूरों की आवाज बनेगी कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना, लंबित मजदूरी भुगतान सुनिश्चित कराना और ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को मजबूत करना है। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे और केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई सामने लाएंगे।

राज्यभर में तैयारी तेज

45 दिवसीय आंदोलन को लेकर कांग्रेस संगठन ने जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी जिलों को कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा को लेकर अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण भारत की लड़ाई

मनरेगा बचाओ संग्राम झारखंड में ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनता जा रहा है। यह आंदोलन न केवल मनरेगा मजदूरों की आवाज उठाएगा, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों और जिम्मेदारियों की बहस को भी नया आयाम देगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संघर्ष और अधिकार की पुकार

मनरेगा मजदूरों का हक सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे।
ग्रामीण रोजगार और सम्मान की लड़ाई में जागरूक बनें।
आपकी आवाज बदलाव ला सकती है।
इस खबर को साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: