मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का तीखा हमला, सिमडेगा में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का तीखा हमला, सिमडेगा में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

author Satyam Kumar Keshri
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#सिमडेगा #राजनीतिक_विरोध : मनरेगा नाम परिवर्तन को साजिश बताते हुए कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी।

केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी मिशन किए जाने के फैसले के विरोध में सिमडेगा में कांग्रेस ने प्रेसवार्ता आयोजित की। जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने संबोधित किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह फैसला मनरेगा कानून को कमजोर करने और धार्मिक आधार पर राजनीति करने की कोशिश है। कांग्रेस ने मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकेत दिया।

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  • मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी मिशन किए जाने का कांग्रेस ने किया विरोध।
  • कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने भाजपा पर साजिश का आरोप लगाया।
  • महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने गरीब और मजदूर वर्ग का मुद्दा उठाया।
  • धर्म के नाम पर राजनीति करने का प्रयास बताया गया।
  • प्रेसवार्ता में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक रहे मौजूद।

केंद्र सरकार के फैसलों को लेकर सिमडेगा जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज होती दिख रही है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी मिशन किए जाने के निर्णय के खिलाफ जिला कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को न केवल गरीब विरोधी बताया, बल्कि इसे संविधान और कानून की मूल भावना के खिलाफ भी करार दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

मनरेगा नाम परिवर्तन को लेकर कांग्रेस का विरोध

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा है। यह योजना रोजगार की गारंटी देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा कानून को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश कर रही है।

विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा:

नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा: “मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी मिशन करना केवल नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह कानून को कमजोर करने और धर्म के नाम पर राजनीति करने का प्रयास है। मनरेगा को भगवान राम के नाम से जोड़कर धार्मिक भावनाओं को बांटने की कोशिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

भाजपा पर धार्मिक राजनीति का आरोप

विधायक ने भाजपा सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि रोजगार जैसी गंभीर योजना को धार्मिक रंग देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता को काम और सम्मान देना है, न कि उसे राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना। कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि देश की जनता इस सच्चाई को समझती है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।

महिला कांग्रेस की आवाज: गरीबों के हक पर हमला

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने कहा कि मनरेगा गरीब और मजदूर वर्ग की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर गरीबों के पेट पर लात मारने का काम कर रही है।

जोसिमा खाखा ने कहा:

जोसिमा खाखा ने कहा: “मनरेगा देश के गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जीवनदायिनी योजना है। मोदी सरकार ने इसे खत्म करने और कमजोर करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिसे कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। हम मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेंगे।”

उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं और मजदूर परिवारों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी।

कार्यकर्ताओं में दिखा आक्रोश

प्रेसवार्ता के दौरान मौजूद कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में भी केंद्र सरकार के फैसले को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया। नेताओं का कहना था कि मनरेगा के नाम परिवर्तन के पीछे असल मंशा रोजगार की गारंटी को कमजोर करना है। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।

मनरेगा का महत्व और जमीनी हकीकत

मनरेगा योजना के तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों परिवारों को साल में न्यूनतम रोजगार मिलता है। यह योजना न केवल बेरोजगारी कम करती है, बल्कि पलायन रोकने और ग्रामीण विकास में भी अहम भूमिका निभाती है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस योजना के साथ किसी भी तरह का छेड़छाड़ सीधे तौर पर गरीबों के जीवन पर असर डालता है।

राजनीतिक संदेश और आने वाला संघर्ष

कांग्रेस की इस प्रेसवार्ता ने साफ संकेत दिया है कि मनरेगा के मुद्दे पर पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और सामाजिक न्याय का सवाल है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर जिले से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

न्यूज़ देखो: मनरेगा पर सियासत या जनहित का सवाल

सिमडेगा में हुई कांग्रेस की प्रेसवार्ता यह दिखाती है कि मनरेगा का मुद्दा अब केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं रह गया है। यह गरीबों के अधिकार, रोजगार की गारंटी और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा सवाल बन चुका है। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तय है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इससे ग्रामीण मजदूरों का हित सुरक्षित रहता है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

रोजगार का अधिकार, नाम से नहीं काम से तय होता है

गरीब और मजदूर वर्ग के लिए योजनाओं का नाम नहीं, उनका प्रभाव मायने रखता है। मनरेगा जैसे कार्यक्रमों से लाखों परिवारों का जीवन जुड़ा है। अब समय है कि नागरिक भी सजग हों और रोजगार व अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाएं।

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सिमडेगा नगर क्षेत्र

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