#सिमडेगा #विद्यालय_चुनाव : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव से लोकतांत्रिक माहौल बना।
सिमडेगा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नामांकन के बाद विद्यालय परिसर में प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। 13 अप्रैल 2026 को बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा, जिससे छात्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है।
- सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलडेगा में छात्र चुनाव शुरू।
- नामांकन के बाद प्रचार-प्रसार ने पकड़ी रफ्तार।
- 13 अप्रैल 2026 को बैलेट पेपर से मतदान होगा।
- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित कई पदों के लिए चुनाव।
- छात्रों में नेतृत्व और लोकतांत्रिक समझ का विकास।
सिमडेगा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और नेतृत्व क्षमता के समग्र विकास के उद्देश्य से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलडेगा में छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ हो चुकी है। विद्यालय में किशोर भारती, कन्या भारती, बाल भारती एवं बाल कन्या भारती के अंतर्गत चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं।
नामांकन प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद अब विद्यालय परिसर पूरी तरह चुनावी माहौल में रंग गया है। विभिन्न प्रत्याशी अपने समर्थन में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जिससे वातावरण जीवंत और उत्साहपूर्ण हो गया है।
प्रचार में दिखा छात्रों का उत्साह
विद्यालय परिसर में हर ओर चुनावी नारों की गूंज सुनाई दे रही है। प्रत्याशी और उनके समर्थक जोश के साथ प्रचार अभियान में जुटे हैं। इस प्रक्रिया ने छात्रों को वास्तविक लोकतांत्रिक माहौल का अनुभव कराया है।
प्रत्याशियों का आत्मविश्वास और समर्थकों का उत्साह विद्यालय को एक सजीव लोकतांत्रिक मंच में परिवर्तित कर रहा है।
पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया
विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार पाठक के मार्गदर्शन में सभी प्रत्याशियों को उनके-अपने चुनाव चिन्ह विधिवत आवंटित किए गए हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन गई है।
यह पूरी प्रक्रिया छात्रों को लोकतंत्र की बारीकियों को समझने का अवसर प्रदान कर रही है।
13 अप्रैल को होगा मतदान
आगामी सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। यह मतदान पूर्णतः निष्पक्ष, अनुशासित और गोपनीय तरीके से संपन्न कराया जाएगा।
छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग कर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री, सह मंत्री, सेनापति और सह सेनापति जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
नेतृत्व और जिम्मेदारी का विकास
यह चुनाव प्रक्रिया छात्रों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित कर रही है।
विद्यालय के भैया-बहन इस आयोजन के माध्यम से न केवल चुनाव प्रणाली को समझ रहे हैं, बल्कि अनुशासन, सहिष्णुता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जैसे जीवन मूल्यों को भी आत्मसात कर रहे हैं।
शिक्षा और संस्कार का संगम
विद्यालय में चल रहा यह लोकतांत्रिक महापर्व शिक्षा और संस्कारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है। यह पहल छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने के साथ उन्हें एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है।
न्यूज़ देखो: स्कूल स्तर से लोकतंत्र की मजबूत नींव
सलडेगा विद्यालय का यह आयोजन दर्शाता है कि लोकतंत्र की समझ बचपन से विकसित की जा सकती है। ऐसे प्रयास छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र सीखें, भविष्य संवारें
छात्र ही देश के भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया की समझ उन्हें जिम्मेदार बनाती है।
क्या आपके क्षेत्र में भी ऐसे प्रयोग हो रहे हैं?
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