
#सिमडेगा #ईदउलफितर : जोसिमा खाखा ने शाजदा खातून से मिलकर भाईचारे का संदेश दिया।
सिमडेगा में कांग्रेस महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा ने कांग्रेस नेत्री शाजदा खातून के आवास पहुंचकर ईद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने त्योहार को प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
- जोसिमा खाखा ने शाजदा खातून के आवास पहुंचकर दी ईद की बधाई।
- ईद को बताया प्रेम, भाईचारे और एकता का प्रतीक।
- कार्यक्रम में समरोम पौल तोपनो, बिपिन पंकज मिंज सहित कई लोग शामिल।
- सभी ने मिलकर सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच दिखी आपसी सौहार्द और एकजुटता।
सिमडेगा में ईद-उल-फितर के अवसर पर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। कांग्रेस महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने कांग्रेस नेत्री शाजदा खातून के आवास पहुंचकर उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं और उनके परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिति रही।
ईद के मौके पर दिया एकता और भाईचारे का संदेश
इस अवसर पर जोसिमा खाखा ने कहा कि ईद का त्योहार समाज में प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करते हैं और समाज में आपसी संबंधों को मजबूत बनाते हैं।
जोसिमा खाखा ने कहा: “ईद हमें आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ मिलजुलकर रहने की सीख देता है, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।”
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की रही उपस्थिति
इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से जिला परिषद सदस्य समरोम पौल तोपनो, प्रमुख बिपिन पंकज मिंज, अंजलि रानी, प्रतिमा कुजुर, संगीता देवी, सूचिता तिर्की, अशोक उरांव एवं राजकुमार कोईराला सहित कई लोग शामिल हुए।
सभी ने मिलकर एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।
सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह संदेश दिया कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए ऐसे अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। विभिन्न समुदायों के लोग जब एक साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं, तो इससे समाज में एक सकारात्मक माहौल बनता है।
इस तरह के आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
न्यूज़ देखो: त्योहारों के माध्यम से मजबूत होता सामाजिक ताना-बाना
सिमडेगा में ईद के मौके पर नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देना सामाजिक सौहार्द का सकारात्मक उदाहरण है। यह दर्शाता है कि त्योहार केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता के भी प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में विश्वास और आपसी समझ बढ़ती है। क्या इस तरह की पहल अन्य क्षेत्रों में भी लगातार जारी रह सकेगी, यह महत्वपूर्ण होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भाईचारे की इस भावना को आगे बढ़ाएं और समाज को जोड़ें
ईद जैसे पावन पर्व हमें सिखाते हैं कि मिलजुलकर रहने से ही समाज मजबूत बनता है। ऐसे अवसरों पर एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देना रिश्तों को और भी मजबूत करता है।






