
#सिमडेगा #शोक_समाचार : ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से आरक्षी का निधन—पुलिस परिवार ने दी श्रद्धांजलि।
सिमडेगा कोर्ट परिसर में ड्यूटी के दौरान आरक्षी श्यामलाल मुर्मु की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। 2 अप्रैल 2026 को गिरने से सिर में चोट लगने के बाद उनकी मृत्यु हुई। 3 अप्रैल को पुलिस केंद्र में शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक ने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
- आरक्षी श्यामलाल मुर्मु (804) की ड्यूटी के दौरान मौत।
- 02 अप्रैल 2026 को कोर्ट परिसर में घटना हुई।
- गिरने से सिर में गंभीर चोट लगी।
- पुलिस केंद्र में 03 अप्रैल को शोक सभा आयोजित।
- पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को सहायता का आश्वासन दिया।
सिमडेगा जिले में ड्यूटी के दौरान एक आरक्षी की अचानक मौत से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। कोर्ट गार्ड में तैनात आरक्षी श्यामलाल मुर्मु (804) की 2 अप्रैल 2026 को सिमडेगा कोर्ट परिसर में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के कारण मृत्यु हो गई।
घटना के अनुसार, ड्यूटी करते समय उन्हें अचानक चक्कर आया और गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लग गई, जिसके कारण उनकी अकस्मात मृत्यु हो गई।
ड्यूटी के दौरान हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्यामलाल मुर्मु कोर्ट परिसर में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे जमीन पर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया: “घटना इतनी अचानक हुई कि संभलने का मौका ही नहीं मिला।”
गिरने से सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई और उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस केंद्र में शोक सभा
इस दुखद घटना के बाद 3 अप्रैल 2026 को पुलिस केंद्र सिमडेगा में शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस परिवार के सभी सदस्यों ने दिवंगत आरक्षी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलिस अधीक्षक ने जताई संवेदना
शोक सभा में पुलिस अधीक्षक ने दिवंगत के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा: “इस दुख की घड़ी में पूरा पुलिस विभाग परिवार के साथ खड़ा है।”
उन्होंने परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
आर्थिक सहायता भी दी गई
पुलिस परिवार की ओर से दिवंगत के परिजनों को आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके।
अंतिम विदाई के साथ रवाना
शोक सभा के बाद दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके पश्चात पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देकर उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया।
विभाग में शोक का माहौल
इस घटना से पुलिस विभाग के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। सहकर्मियों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित कर्मी बताया।
सेवा और समर्पण की मिसाल
श्यामलाल मुर्मु की अचानक मृत्यु ने यह दिखाया कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी कितनी कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।
न्यूज़ देखो: सेवा में समर्पण, अचानक खोया एक सिपाही
सिमडेगा की यह घटना हमें याद दिलाती है कि पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में ड्यूटी निभाते हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा करने वालों का सम्मान करें
पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार रहते हैं।
उनके योगदान को समझना और सम्मान देना जरूरी है।
ऐसी घटनाएं हमें संवेदनशील बनने की सीख देती हैं।
आइए, हम उनके परिवारों के प्रति भी सहानुभूति रखें।
अपनी श्रद्धांजलि कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस संवेदनशील खबर को आगे बढ़ाएं।






