#बरवाडीह #गैस_संकट : डिलीवरी दिखाकर नहीं दी आपूर्ति—जांच में एजेंसी की बड़ी लापरवाही सामने आई।
लातेहार के बरवाडीह में गैस एजेंसी की कार्यशैली को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश है। बुकिंग के 15 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। जांच में ऑनलाइन डिलीवरी दिखाकर आपूर्ति नहीं देने का मामला उजागर हुआ। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- 15 दिन बाद भी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिला।
- ऑनलाइन रिकॉर्ड में डिलीवरी दिखाकर गड़बड़ी का आरोप।
- एचपी सेल्स ऑफिसर कुणाल किशोर ने की जांच।
- एजेंसी संचालक की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल।
- कार्रवाई की मांग को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित सिंह एचपी गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने के 15 दिन बाद भी उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि ऑनलाइन सिस्टम में डिलीवरी दिखा दी गई है।
यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू की गई।
उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण उनके सामने खाना बनाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। कई परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।
एक उपभोक्ता ने कहा: “बार-बार एजेंसी का चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।”
जांच टीम ने लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एचपी गैस एजेंसी कार्यालय में जांच टीम पहुंची। इस टीम में एचपी सेल्स ऑफिसर कुणाल किशोर, एक अन्य अधिकारी तथा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शामिल थे।
करीब पांच घंटे तक चली जांच के दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनीं और दस्तावेजों की जांच की।
डिलीवरी में गड़बड़ी की पुष्टि
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि कई मामलों में सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति नहीं की गई, लेकिन रिकॉर्ड में डिलीवरी दिखा दी गई है।
जांच टीम ने कहा: “यह गंभीर लापरवाही का मामला है, जिस पर सख्त कार्रवाई होगी।”
एजेंसी संचालक की गैरमौजूदगी
जांच के दौरान एजेंसी संचालक संतोष सिंह के मौके पर मौजूद नहीं रहने को भी अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। इससे उपभोक्ताओं में और नाराजगी बढ़ गई।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज
इस मुद्दे को लेकर पश्चिमी जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने उपायुक्त को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
वहीं भाजपा प्रखंड अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने कहा—
“यह लगातार हो रही लापरवाही का नतीजा है, अब कड़ी कार्रवाई जरूरी है।”
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि एजेंसी सुधार नहीं करती है, तो उसे बंद कर दूसरी एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाए।
एजेंसी में मचा हड़कंप
जांच के बाद एजेंसी प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। उपभोक्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उपभोक्ता अधिकारों का मुद्दा
यह मामला उपभोक्ता अधिकारों और सेवा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है।
प्रशासन से उम्मीद
लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई करेगा और गैस आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करेगा।



न्यूज़ देखो: सुविधा के नाम पर लापरवाही क्यों
बरवाडीह का यह मामला दिखाता है कि जरूरी सेवाओं में लापरवाही से आम जनता को कितनी परेशानी होती है। डिजिटल सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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