मुखिया पति की गिरफ्तारी पर हुसैनाबाद में बढ़ा विवाद, मुखिया संघ ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

मुखिया पति की गिरफ्तारी पर हुसैनाबाद में बढ़ा विवाद, मुखिया संघ ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

author Yashwant Kumar
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#हुसैनाबाद #मुखिया_संघ : गिरफ्तारी और दुर्व्यवहार के आरोपों पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ी।

हुसैनाबाद प्रखंड में कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया रीना कुमारी के पति अजय राजवंशी की गिरफ्तारी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मुखिया संघ ने पुलिस कार्रवाई और कथित दुर्व्यवहार को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संघ का आरोप है कि अवैध खनन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध कर रहे ग्रामीणों के साथ सख्ती की गई। मामले को लेकर अब क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।

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  • कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया के पति अजय राजवंशी की गिरफ्तारी पर विवाद बढ़ा।
  • मुखिया संघ ने थाना प्रभारी पर दुर्व्यवहार और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया।
  • पंचायत प्रतिनिधियों ने अवैध खनन के खिलाफ पहले भी शिकायत देने की बात कही।
  • संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
  • चेतावनी दी गई कि कार्रवाई नहीं होने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
  • एसडीओ और एसडीपीओ को ज्ञापन सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

हुसैनाबाद प्रखंड में कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया रीना कुमारी के पति अजय राजवंशी की गिरफ्तारी को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को हुसैनाबाद प्रखंड मुखिया संघ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखी नाराजगी देखने को मिली। मुखिया संघ ने पूरे मामले को जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

मुखिया संघ ने जताई नाराजगी

बैठक में मौजूद मुखिया संघ के पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुर्मीपुर पंचायत में कथित अवैध खनन को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आवाज उठा रहे थे। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों को शांतिपूर्ण धरना देना पड़ा।

मुखिया संघ के अध्यक्ष श्रवण राम और सचिव अमरेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि धरना स्थल पर मौजूद लोगों को रंगदारी मांगने वाला कैसे बताया जा रहा है।

श्रवण राम और अमरेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा: “अगर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर माइंस संचालक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो मुखिया संघ व्यापक आंदोलन करेगा और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री का घेराव भी किया जाएगा।”

मुखिया रीना कुमारी ने लगाए गंभीर आरोप

कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया रीना कुमारी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि 26 मई को थाना प्रभारी चंदन कुमार पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धरना स्थल पर लगी कुर्सियां तथा साउंड सिस्टम हटवा दिए गए।

मुखिया का आरोप है कि विरोध करने पर उनके पति अजय राजवंशी समेत अन्य ग्रामीणों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि थाना पहुंचने पर उन्हें अपने पति से मिलने तक नहीं दिया गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।

ज्ञापन सौंपकर की गई कार्रवाई की मांग

मुखिया संघ ने इस मामले को गंभीर बताते हुए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में माइंस संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

बैठक में हुसैनाबाद प्रखंड के कई मुखिया और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचल

इस मामले के सामने आने के बाद हुसैनाबाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के बीच भी पुलिस कार्रवाई और पंचायत प्रतिनिधियों के आरोपों को लेकर बहस शुरू हो गई है।

कई लोगों का कहना है कि यदि अवैध खनन को लेकर शिकायतें पहले से थीं तो प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए थी, ताकि स्थिति विवाद तक न पहुंचे।

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी नजर

मुखिया संघ की ओर से आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती है तो आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं।

न्यूज़ देखो: संवाद और निष्पक्षता से ही सुलझेगा विवाद

हुसैनाबाद का यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच भरोसे से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी विवाद का समाधान संवाद, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच के जरिए ही संभव है। यदि ग्रामीणों की शिकायतें पहले से थीं, तो उन पर समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए थी। वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब जरूरी है कि निष्पक्ष जांच के जरिए तथ्यों को सामने लाया जाए ताकि क्षेत्र में विश्वास और शांति का माहौल कायम रह सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतंत्र में संवाद और सम्मान दोनों जरूरी

जनप्रतिनिधि और प्रशासन दोनों समाज की व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।
किसी भी विवाद को टकराव नहीं, बल्कि संवाद से सुलझाना सबसे बेहतर रास्ता होता है।
ग्रामीणों की आवाज सुनी जाए और कानून का सम्मान भी बना रहे, यही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।
समाज में शांति और पारदर्शिता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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Written by

हुसैनाबाद, पलामू

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